- अमेरिका और इजरायल के युद्ध के 24 दिन बाद ईरान ने भारत के दान और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है
- भारत में मुस्लिम समुदाय ने ईद के मौके पर ईरान के पुनर्निर्माण के लिए तांबे के बर्तनों और गहने दान किए हैं
- कश्मीर के लोगों ने भी ईरान की सहायता के लिए नकद और आभूषण दान कर अपनी मानवता और एकजुटता दिखाई है
अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू किए गए जंग को 24 दिन हो गए हैं और ईरान को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है. ऐसे में भारत में मौजूद ईरान के दूतावास ने ईरान को फिर से खड़ा करने, उसके पुनर्निमाण के लिए पैसे और अपने गहने दान करने वाले भारतीयों की “दयालुता” और “मानवता” के लिए धन्यवाद दिया है. ईरान की ओर से कहा कि वह भारत की इस दया को हमेशा याद रखेगा. ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “हम आपकी दयालुता और मानवता को कभी नहीं भूलेंगे. धन्यवाद, भारत.”
दरअलस ईद के मौके पर पूरे देश के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईरान के साथ एकजुटता दिखाई. कश्मीर में तो लोगों, यहां तक कि छोटी बच्चियों ने अपने जमा किए गए पैसों, तांबे के बर्तनों और गहनों का दान किया. इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. इन्हीं वीडियो पर रिएक्ट करते हुए ईरानी दूतावास ने लिखा, “कृतज्ञता से भरे दिल के साथ, हम कश्मीर के दयालु लोगों का ईमानदारी से धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने मानवीय सहायता और दिल से समर्थन देकर ईरान के लोगों के साथ खड़े रहे. इस दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा. धन्यवाद, भारत.”
We will never forget your kindness and humanity.
— Iran in India (@Iran_in_India) March 22, 2026
Thank you, India. https://t.co/hiYnIEfN3D
A respected sister from Kashmir, donated the gold kept as a memento of her husband who passed away 28 years ago with a heart full of love and solidarity for the people of #Iran.
— Iran in India (@Iran_in_India) March 22, 2026
Your tears and pure emotions are the greatest source of comfort for the people of Iran and will never… pic.twitter.com/0zFcJwGhj0
दूतावास ने यह भी कहा, “कश्मीरी बच्चे भी ईरान को उपहार के रूप में अपनी गुल्लक दे रहे हैं. अल्लाह आपको आशीर्वाद दें.”
ईरान के सर्मथन में उतरा कश्मीर
बडगाम के स्थानीय लोगों ने ईरान का समर्थन करने के लिए सोना, चांदी और नकद दान दिया है, जिससे उन्होंने ईरान के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई. न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार बडगाम के मोहसिन अली ने कहा कि दान इकट्ठा करने के लिए मस्जिद इमाम ज़मान में एक स्टॉल लगाया गया था. मोहसिन अली ने कहा, “मस्जिद इमाम जमान में हमने दान इकट्ठा करने के सच्चे उद्देश्य से एक स्टॉल लगाया. हमारी माताएं और बहनें आभूषण, तांबा के बर्तन और नकद दे रही हैं ताकि हम मौजूदा स्थिति में ईरान की मदद कर सकें.”
उन्होंने कहा कि चूंकि वे ईरान जाकर मदद नहीं कर सकते, इसलिए कम से कम आर्थिक सहायता देकर ईरान की मदद कर सकते हैं और मानवता की सेवा कर सकते हैं.
तेहरान ने निभाई दोस्ती- ईरानी राजनयिक
इससे पहले मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूत सईद रजा मोसायब मोतलघ ने शुक्रवार को कहा था कि होर्मुज के जरिए भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का तेहरान का फैसला नई दिल्ली के साथ उसकी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को दिखाता है. मोतलघ ने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का मित्र और पार्टनर रहा है और तेहरान के अधिकारी मौजूदा संघर्ष के बीच भारत में गैस की कमी की स्थिति को लेकर चिंतित थे.
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