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ईरान ने होर्मोजगान प्रांत में इजरायल के एक जासूसी और निगरानी ड्रोन को मार गिराया: रिपोर्ट

ईरान और अमेरिका के बीच जब भी लगता है कि अब सबकुछ ठीक होने वाला है, तभी ऐसी खबर आती है कि शांति की बात कहीं दूर चली जाती है. आज सुबह से लग रहा था कि ईरान-अमेरिका जल्द किसी समझौते पर पहुंचने वाले हैं. इसी बीच ये खबर आई है.

ईरान ने होर्मोजगान प्रांत में इजरायल के एक जासूसी और निगरानी ड्रोन को मार गिराया: रिपोर्ट
आईआरजीसी कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने ईरान के दुश्मनों को चेतावनी दी है.
  • ईरानी सेना ने होर्मोज़गान प्रांत में एक इजरायली जासूसी और निगरानी ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया है
  • रिपोर्ट है कि अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के नए युद्धविराम पर समझौता होने की संभावना बढ़ रही है
  • आईआरजीसी कमांडर अली अब्दुल्लाही ने देश की सशस्त्र सेनाओं को किसी भी नए आक्रमण के लिए पूरी तरह तैयार बताया है
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ईरानी सेना ने होर्मोजगान प्रांत में एक इजरायली जासूसी और निगरानी ड्रोन को मार गिराया है. ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने ये जानकारी दी है.अमेरिका से लगातार संकेत मिल रहे हैं कि ईरान से जल्द ही समझौता हो सकता है. एक्यिोस के मुताबिक, दोनों देश 60 दिनों के नये युद्धविराम पर समझौता कर सकते हैं. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि ईरान से समझौता होने की दिशा में बात बहुत आगे बढ़ गई है. मगर इस बीच ईरान की तरफ से इजरायली ड्रोन को मार गिराया गया है.

ईरान भर रहा हुंकार

आज आईआरजीसी कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने दुश्मनों को चेतावनी दी कि ईरान की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं देश के विरुद्ध शत्रु के नए आक्रमण का करारा जवाब देने के लिए तैयार हैं. रमजान युद्ध के शहीदों के स्मरण उत्सव के अवसर पर उन्होंने कहा, 'देश की शक्तिशाली सशस्त्र सेनाओं के इस महान प्रतिरोध और विजय ने यह सिद्ध किया है कि अल्लाह में राष्ट्र का विश्वास और आस्था तथा स्वदेशी युद्ध क्षमताओं पर उसका भरोसा अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान और गौरव के शिखरों की ओर प्रगति और रणनीतिक प्रभुत्व का मार्ग प्रशस्त करता है.'

अब्दुल्लाही ने कहा कि ये थोपा गया युद्ध एक मिश्रित संघर्ष था, लेकिन आईआरजीसी की निर्णायक प्रतिक्रिया ने दुश्मन के सभी उद्देश्यों को विफल कर दिया और उसकी योजनाओं को नाकाम कर दिया. खोर्रमशहर का सबक आंतरिक शक्ति और सक्रिय प्रतिरोध पर निर्भरता है. ईरान की परमाणु, मिसाइल, रक्षात्मक और आक्रामक नीति ने ईरान के दुश्मनों को फिर से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है.

आईआरजीसी कमांडर ने आगे कहा कि देश की सबसे बड़ी रणनीतिक संपत्ति सभी क्षेत्रों में जनता की दृढ़ और जोशीली उपस्थिति है—जो दुश्मन की घुसपैठ और साजिशों के खिलाफ एक अभेद्य दीवार है. ईरान के सशस्त्र बल मिसाइल, वायु, नौसेना, थल, अंतरिक्ष और साइबर सभी आयामों में उच्चतम स्तर की तत्परता और सक्रिय प्रतिरोध पर खड़े हैं. इसलिए दुश्मन द्वारा किसी भी नए आक्रमण का क्षेत्रीय और उससे परे स्तर पर विनाशकारी और भयावह जवाब दिया जाएगा. खोर्रमशहर की मुक्ति भविष्य की विजयों के लिए एक स्थायी आदर्श है - जिसमें पवित्र कुद्स की मुक्ति और प्रतिरोध की धुरी और इस्लामी दुनिया के मुजाहिदीन द्वारा इजरायली शासन का उन्मूलन शामिल है.

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