- ईरान युद्ध समाप्ति के लिए अमेरिका के नए प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है और जल्द निर्णय लेगा
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहने पर ईरान पर बमबारी की चेतावनी दी है
- पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई और राजनयिक प्रयासों को जारी रखा हुआ है
ईरान ने कहा कि वह युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के नये प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए फिर से खोलने से संबंधित कोई समझौता नहीं हुआ तो उस पर बमबारी शुरू हो जाएगी. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि दो महीने से चल रहा युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है और संघर्ष के कारण बाधित तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति फिर से शुरू हो सकती है, लेकिन उन्होंने कहा कि यह इस बात पर निर्भर करता है कि ईरान उनके प्रस्तावों को स्वीकार करता है या नहीं. हालांकि, ट्रंप ने प्रस्तावों का विवरण नहीं दिया.
ट्रंप ने लिखा, "अगर वे सहमत नहीं होते हैं, तो बमबारी शुरू हो जाएगी."

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पाकिस्तान ने भी किया दावा
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को कहा, "हमें उम्मीद है कि समझौता जल्द ही हो जाएगा. हमें आशा है कि दोनों पक्ष एक शांतिपूर्ण और स्थायी समाधान पर पहुंचेंगे, जो न केवल हमारे क्षेत्र में शांति बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति में भी योगदान देगा." लेकिन उन्होंने कोई समयसीमा बताने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि पाकिस्तान चल रहे राजनयिक प्रयासों का विवरण सार्वजनिक नहीं करेगा. उन्होंने कहा, "मैं आपको बस इतना बता सकता हूं और यही बात मैंने पहले भी कही है कि हम सकारात्मक और आशावादी बने हुए हैं और हमें उम्मीद है कि समझौता जल्द ही हो जाएगा."
जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान गुरुवार को ईरान से किसी प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहा है, तो अंद्राबी ने कहा, "मैं विशिष्ट विवरणों या संदेशों की प्रगति पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा."

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने गुरुवार को टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा कि इस्लामाबाद युद्ध रोकने और संघर्ष विराम की अवधि बढ़ाने के लिए ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ दिन-रात निरंतर संपर्क में है.
एक्सियोस की रिपोर्ट
समाचार एजेंसी एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस का मानना है कि वह ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक पेज के ज्ञापन पर समझौते के करीब है. प्रावधानों में ईरानी यूरेनियम संवर्धन पर रोक, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, फ्रीज ईरानी फंडों का वितरण और जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए खोलना शामिल है.
व्हाइट हाउस ने संभावित समझौते के बारे में पूछे गए सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया.
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सरकारी टीवी को बताया कि तेहरान ने एक्सियोस द्वारा रिपोर्ट किए गए अमेरिकी प्रस्तावों को "कड़ी तरह से खारिज" कर दिया है, लेकिन वह नये अमेरिकी प्रस्ताव पर अभी भी विचार कर रहा है.

फ्रांस-चीन भी एक्टिव
इस बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को कहा कि फ्रांस का विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप लाल सागर में आगे बढ़ रहा है, ताकि हालात सामान्य होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा बहाल करने के लिए संभावित फ्रांसीसी-ब्रिटिश मिशन की तैयारी की जा सके. चीन के विदेश मंत्री ने बुधवार को बीजिंग में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात के बाद व्यापक युद्धविराम का आह्वान किया. वांग यी ने कहा कि उनका देश इस संघर्ष से "गहराई से आहत" है.
अमेरिका का चीन पर दबाव
तेहरान के साथ चीन के घनिष्ठ आर्थिक और राजनीतिक संबंध उसे एक अद्वितीय प्रभावशाली स्थिति प्रदान करते हैं. ट्रंप प्रशासन चीन पर दबाव डाल रहा है कि वह इस संबंध का उपयोग करके इस्लामिक गणराज्य को जलडमरूमध्य खोलने के लिए प्रेरित करे. अराघची की चीन यात्रा ट्रंप की बीजिंग यात्रा से पहले हुई, जो 14-15 मई को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ एक उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले हैं. ट्रंप 2017 में चीन का दौरा करने वाले आखिरी अमेरिकी राष्ट्रपति थे. अराघची ने ईरानी सरकारी टीवी को बताया कि उनके दौरे में होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और तेहरान पर लगाए गए प्रतिबंधों पर चर्चा शामिल थी. ट्रंप ने तेहरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम में बड़ी कटौती की मांग की है.
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