अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाक मंत्री ने कहा कि पाक, ईरान के साथ अपनी गैस पाइपलाइन परियोजना के लिए आदेश स्वीकार नहीं करेगा।
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लाहौर:
अमेरिका ने पाकिस्तान से पाक-ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना से हटने को कहा है। इस बीच, अमेरिका ने ईरान को उसके कथित परमाणु हथियार कार्यक्रम के लिए दुनिया से अलग-थलग करने की मुहिम छेड़ दी है। इस्लामाबाद में अमेरिका के राजदूत कैमरन मुंटर ने कहा कि प्रस्तावित पाइपलाइन एक अच्छा विचार नहीं है। अमेरिका ने सलाह दी है कि यह बेहतर होगा यदि पाकिस्तान तुर्केमिनस्तान से ऊर्जा के आयात पर ध्यान केंद्रित करे। अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान की सूचना मंत्री फिरदौस आशिक अवान ने कहा कि पाकिस्तान ईरान के साथ अपनी गैस पाइपलाइन परियोजना के लिए किसी तरह का आदेश स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने इस्लामाबाद में संवाददाताओं से कहा कि पाकिस्तान सभी निर्णय अपने राष्ट्रीय हित को देखते हुए लेगा। मुंटर ने लाहौर प्रबंधन विज्ञान विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ परिचर्चा के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि तुर्केमिनस्तान के गैस का आयात एक बेहतर विचार होगा। पाकिस्तान और ईरान ने अरबों डालर की इस गैस पाइपलाइन परियोजना के विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप दे दिया है। अमेरिका काफी समय से इस परियोजना का विरोध कर रहा है। पिछले दो साल से तुर्केमिनस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन परियोजना के लिए कई बैठकें हो चुकी हैं। तुर्केमिनस्तान के गैस भंडार को लेकर आशंका और अफगानिस्तान की सुरक्षा स्थिति की वजह से यह परियोजना अटकी हुई है। मुंटर ने इन खबरों का खंडन किया कि उन्होंने क्रिकेटर से राजनीतिज्ञ बने इमरान खान तथा आईएसआई के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शुजा पाशा से एक साथ मुलाकात की है।