- ब्रिटेन होर्मुजमें तेल आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए जहाज को आधुनिक ड्रोन से लैस कर रहा है
- ड्रोन समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम होंगे
- RFA लाइम बे जहाज अमेरिका और फ्रांस के साथ मिलकर मल्टीनेशनल डिफेंस ऑपरेशन में भाग लेकर सुरक्षा सुनिश्चित करेगा
ब्रिटेन होर्मुज स्ट्रेट में तेल आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए अपने सहयोगी देशों की मदद करने की तैयारी कर रहा है. इसके तहत रॉयल फ्लीट ऑक्सिलरी के एक जहाज को लेटेस्ट ड्रोन से लैस किया जा रहा है. ये ड्रोन समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों का पता लगाने और उन्हें डिएक्टिवेट करने में सक्षम होंगे. रॉयल फ्लीट ऑक्सिलरी का बे‑क्लास जहाज आरएफए लाइम बे इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाएगा. यह जहाज अमेरिका और फ्रांस जैसे सहयोगी देशों के साथ मिलकर एक मल्टीनेशनल डिफेंस ऑपरेशन में शामिल होगा. रिपोर्टों के अनुसार, ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने इस 580 फीट लंबे पोत को होर्मुज स्ट्रेट में भेजने की योजना को मंजूरी दे दी है.
रोबोटिक माइन‑हंटिंग सिस्टम
रोबोटिक माइन‑हंटिंग सिस्टम का मुख्य मकसद नौसैनिकों के लिए जोखिम को कम करना है. पारंपरिक माइन‑क्लियरिंग जहाजों के साथ नए सेल्फ सिस्टम भी तैनात किए जाएंगे. एआई‑से लैस ड्रोन समुद्र की सतह और तल को स्कैन कर सुरंगों की पहचान करेंगे. बारूदी सुरंगों को नष्ट करने के साथ-साथ, युद्धपोत और विमान संकरे जलमार्ग से कमर्शियल टैंकरों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करेंगे, जिससे होर्मुज का खतरा काम हो सके.
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...ताकि नाविकों को मिले सुरक्षित रास्ता
ब्रिटेन के इस ऑपरेशन से खतरों का तेजी से पता लगाना और ज्यादा निगरानी संभव हो सकेगी. इसका मकसद लोगों को सबसे अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में भेजे बिना प्रमुख समुद्री मार्गों को तेजी से फिर खोलना है. रक्षा सूत्रों के अनुसार, रॉयल नेवी की बारूदी सुरंगों को नष्ट करने की तकनीक का उद्देश्य नाविकों के लिए जोखिम को कम करना है. हालांकि, सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या रोबोटिक माइन‑हंटिंग सिस्टम होर्मुज से ईरान की बारूदी सुरंगों को पूरी तरह से नष्ट कर पाएगी?
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होर्मुज में ईरान की बारूदी सुरंग!
ईरान मिडिल ईस्ट में लगातार ड्रोन और मिसाइल से अटैक कर रहा है. इधर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भी वह अमेरिका और इजरायल के जहाजों को गुजरने नहीं दे रहा है. ईरान ने साफ कर दिया है कि अमेरिका और इजरायल के होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को वह निशाना बनाएगा. ऐसे में होर्मुज से गुजरते हुए बारूदी सुरंगों को हटाना नौसैनिकों के लिए सबसे खतरनाक कार्यों में से एक है. होर्मुज अपने सबसे संकरे क्षेत्र पर लगभग 21 मील चौड़ा है, जो ईरान को भौगोलिक और रणनीतिक फायदा पहुंचाता है. ईरान ने यहां नौका ड्रोन, मिसाइल सिस्टम और सेना तैनात कर रखी है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट, होर्मुज होगा सेफ?
हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लेटेस्ट टेक्नोलॉजी भी होर्मुज में बिछी सभी ईरान की बारूदी सुरंगों को हटाने की गांरटी नहीं दे सकती हैं. बारूदी सुरंगों को हटाने वाले जहाज सुरक्षित नहीं होते हैं और बेहद धीमी गति से चलते हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें हर समय हवाई और सतही सुरक्षा की आवश्यकता होती है. सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि हालांकि, ड्रोन सुरक्षा और बारूदी सुरंग तलाशने की गति में सुधार करते हैं, तो भी मूल चुनौती को दूर नहीं किया जा सकता है. ईरानी क्षेत्र के निकट स्थित एक संकरे जलमार्ग में तेजी से नई बारूदी सुरंगें बिछाई जा सकती हैं या यातायात बाधित किया जा सकता है.
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