
बीजिंग:
चीन के सरकारी वार्ताकार दाई बिंगुओ ने सोमवार को कहा कि चीन और भारत के आपसी सम्बंध अफवाहों से प्रभावित नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के सामूहिक विकास के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार बिंगुओ की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने बीजिंग में भारतीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के साथ बातचीत की है।
चीन के प्रमुख सीमा वार्ताकार बिंगुओ ने कहा कि इस बारे में दोनों देशों का एक स्पष्ट विचार होना चाहिए कि कुछ पक्ष भारत-चीन द्विपक्षीय सम्बंधों को कमजोर करना चाहते हैं। दोनों को यह भी याद रखना चाहिए कि दोनों देशों के बीच विवाद से अधिक सहमति है, और प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत, दोनों के पास द्विपक्षीय सम्बंधों को सम्भालने, आपसी लाभ के लिए अधिक प्रयास करने और अफवाहों को रोकने के लिए पर्याप्त बुद्धिमत्ता और क्षमता मौजूद है।
मेनन के बीजिंग दौरे से पूर्व भारत और चीन ने 30 नवम्बर को अपने कार्यकारी समूह की दूसरी बैठक समाप्त की और विवादित सीमा पर शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
भारत, चीन सीमा मामलों पर राय मशविरा व समन्वयन के लिए कार्यकारी समूह की नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के तरीकों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने कार्यकारी समूह की पहली बैठक के बाद से सीमा पर घटे घटनाक्रम की समीक्षा की।
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार बिंगुओ की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने बीजिंग में भारतीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के साथ बातचीत की है।
चीन के प्रमुख सीमा वार्ताकार बिंगुओ ने कहा कि इस बारे में दोनों देशों का एक स्पष्ट विचार होना चाहिए कि कुछ पक्ष भारत-चीन द्विपक्षीय सम्बंधों को कमजोर करना चाहते हैं। दोनों को यह भी याद रखना चाहिए कि दोनों देशों के बीच विवाद से अधिक सहमति है, और प्रतिस्पर्धा से अधिक सहयोग है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत, दोनों के पास द्विपक्षीय सम्बंधों को सम्भालने, आपसी लाभ के लिए अधिक प्रयास करने और अफवाहों को रोकने के लिए पर्याप्त बुद्धिमत्ता और क्षमता मौजूद है।
मेनन के बीजिंग दौरे से पूर्व भारत और चीन ने 30 नवम्बर को अपने कार्यकारी समूह की दूसरी बैठक समाप्त की और विवादित सीमा पर शांति बनाए रखने के उपायों पर चर्चा की।
भारत, चीन सीमा मामलों पर राय मशविरा व समन्वयन के लिए कार्यकारी समूह की नई दिल्ली में हुई दूसरी बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के तरीकों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
एक भारतीय अधिकारी ने कहा कि दोनों देशों ने कार्यकारी समूह की पहली बैठक के बाद से सीमा पर घटे घटनाक्रम की समीक्षा की।
भारत और चीन के बीच 15 चक्र की सीमा वार्ता हो चुकी है। लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव बरकरार है।
चीन ने अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चीन को नए ई-पासपोर्ट पर उपलब्ध नक्शे में अपना हिस्सा बताया है। जवाब में भारत ने भी चीनी नागरिकों को जारी वीजा में उपलब्ध भारतीय नक्शे में इन क्षेत्रों को अपना हिस्सा बताया है।
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