Viral Video: चीन की स्लीपर ट्रेन में 25 घंटे का सफर, रास्ते में पहाड़ और फैक्ट्रियां, ट्रेन में अजनबियों से दोस्ती और फिर मेहमाननवाजी में उनके साथ बर्थडे पार्टी. इंडियन ट्रैवल ब्लॉगर और यूट्यूबर सिद्धार्थ का चीन की ट्रेन में सफर कुछ ऐसा ही रहा. देसी वेगाबॉन्ड (Desi Vagabond) नाम से यूट्यूब चैनल चलाने वाले सिद्धार्थ ने चोंगकिंग से बीजिंग तक सेकंड क्लास हार्ड स्लीपर ट्रेन लिया और अपना अनुभव लोगों के साथ शेयर किया. इस वीडियो में उन्होंने दिखाया कि उनका यह 25 घंटे से ज्यादा का सफर कितना खास रहा. कैसे ट्रेन में उनकी मुलाकात कुछ चीनी लोगों से हुई, जिन्होंने उनके साथ अपना खाना और एलकोहलिक ड्रिंक्स शेयर किए. चलिए आपको बताते हैं कि ट्रेन में चीन के लोगों ने एक भारतीय टूरिस्ट को कैसी मेहमाननवाजी दिखाई.
पासपोर्ट से लिंक थी ट्रेन की टिकट
50 हजार से अधिक सब्सक्राइबर्स वाला चैनल चलाने वाले सिद्धार्थ ने बताया कि चोंगकिंग से बीजिंग तक का उनका सफर करीब 25 घंटे का था. इससे पहले भी वह चीन में 18 घंटे की ट्रेन यात्रा कर चुके थे. रेलवे स्टेशन पर उन्होंने देखा कि यात्रियों को कई लेबल पर सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है. चीनी नागरि. अपने नेशनल आइडेंटिटी कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, जबकि विदेशी यात्रियों के पासपोर्ट की जांच होती है.
सिद्धार्थ के मुताबिक, चीन में हाई-स्पीड ट्रेनों के अलावा सामान्य ट्रेनें भी हैं, जो लंबी दूरी तय करने के लिए बजट-फ्रेंडली ऑप्शन हैं.
ट्रेन में मिले अजनबियों ने ऑफर किया खाना
इस ट्रेन में सफर के दौरान सिद्धार्थ की मुलाकात एक चीनी यात्री से हुई. भाषा अलग होने के बावजूद दोनों ने ट्रांसलेटर ऐप की मदद से बातचीत की. सिद्धार्थ ने ऐप की तारीफ करते हुए बताया कि इसकी मदद से यात्री उन्हें चीन के इतिहास और संस्कृति के बारे में भी जानकारी दे रहे थे. उस चीनी यात्री ने अपने फोन में भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की फोटो भी दिखाई. उन्होंने सिद्धार्थ को अपना खाना भी ऑफर किया.
सिद्धार्थ जिस कोच में बैठे थे उसमें कोई चार्जिंग पोर्ट नहीं था. सिद्धार्थ ने ट्रेन में यात्रियों की संख्या के मुकाबले साफ-सफाई को अच्छा बताया. उनके मुताबिक, ट्रेन में सुरक्षा अधिकारी भी मौजूद थे. उन्होंने यह भी देखा कि ट्रेन में सफाई का काम किया जा रहा था.
सफर के दौरान कुछ यात्रियों के साथ रौनक की दोस्ती इतनी बढ़ गई कि उन्होंने उन्हें जन्मदिन के जश्न में शामिल कर लिया. यात्रियों ने उन्हें 53 प्रतिशत अल्कोहल वाली चीनी शराब ऑफर की. सिद्धार्थ ने बताया कि शराब काफी स्ट्रॉन्ग थी और वह इसे ज्यादा नहीं पी पाए. उन्होंने केवल कुछ घूंट ही लिए. इसके अलावा सिद्धार्थ ने अपने लिए रास्ते के लिए खाना भी पैक कराया हुआ था. उन्होंने बताया कि यह ट्रेन हर स्टेशन पर केवल 3-4 मिनट ही रुकती है. सिद्धार्थ को इस ट्रेन के स्लीपर क्लास की टिकट भारतीय करेंसी में लगभग 6000 रुपए की पड़ी थी.
साथ में सफर कर रहे दोनों चीनी यात्री अच्छे मूड में थे, थोड़े नशे में थे और गाना जा रहे थे. कुल मिलाकर इस तरह 25 घंटे का सफर सिद्धार्थ के लिए सिर्फ एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने का जरिया नहीं रहा, बल्कि चीन के लोगों, उनके व्यवहार और वहां की ट्रेन यात्रा को करीब से समझने का अनुभव भी बन गया.
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