
प्रतीकात्मक फोटो
लंदन:
ब्रिटेन में फार्माकोलॉजी की पढ़ाई कर रही भारतीय मूल की 20 वर्षीय छात्रा की दिमागी बुखार के दुर्लभ विषाणु से संक्रमण के बाद अचानक मौत हो गई. मीडिया में आई खबरों के अनुसार छात्रा में बीमारी का कोई भी लक्षण नजर नहीं आ रहा था.
पवन पूर्बा इसी महीने से यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन में अपने डिग्री के दूसरे वर्ष की पढ़ाई शुरू करने वाली थी, लेकिन बीमार होने के 48 घंटे से भी कम समय में उसकी 27 अगस्त को मृत्यु हो गई.
‘इवनिंग स्टैंडर्ड’ के अनुसार, पवन के पिता बलदेव पूर्बा का कहना है, ‘असह्य तकलीफ है. मैं दरवाजा देखता रहता हूं कि कब मेरी सुन्दर और चुलबुली बेटी घर आएगी और हम सब फिर साथ होंगे.’ वह आजकल दिगामी बुखार के ‘मेन डब्ल्यू’ प्रकार के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं. इंग्लैंड में आजकल यह बीमारी बहुत ज्यादा हो रही है.
इस वर्ष अभी तक बीमारी के कुल 160 मामले आए हैं. पिछले वर्ष इस अवधि में बीमारी के 134 मामले आए थे.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पवन पूर्बा इसी महीने से यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट लंदन में अपने डिग्री के दूसरे वर्ष की पढ़ाई शुरू करने वाली थी, लेकिन बीमार होने के 48 घंटे से भी कम समय में उसकी 27 अगस्त को मृत्यु हो गई.
‘इवनिंग स्टैंडर्ड’ के अनुसार, पवन के पिता बलदेव पूर्बा का कहना है, ‘असह्य तकलीफ है. मैं दरवाजा देखता रहता हूं कि कब मेरी सुन्दर और चुलबुली बेटी घर आएगी और हम सब फिर साथ होंगे.’ वह आजकल दिगामी बुखार के ‘मेन डब्ल्यू’ प्रकार के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं. इंग्लैंड में आजकल यह बीमारी बहुत ज्यादा हो रही है.
इस वर्ष अभी तक बीमारी के कुल 160 मामले आए हैं. पिछले वर्ष इस अवधि में बीमारी के 134 मामले आए थे.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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