
संगीता भाटिया की फाइल फोटो
वाशिंगटन:
एमआईटी में भारतीय मूल की वैज्ञानिक को उत्तम इंजीनियरिंग और बीमारी की शिनाख्त में योगदान के लिए ढाई लाख डॉलर का प्रतिष्ठित हेंज पुरस्कार प्रदान किया गया है।
मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईटी) से जुड़ी संगीता भाटिया को 2015 के हेंज प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था और रोजगार पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इस पुरस्कार के तहत 250,000 डॉलर की राशि प्रदान की जाती है। यह पुरस्कार हर साल उन लोगों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने कला एवं मानविकी, पर्यावरण, मानव पारिस्थितिकी, लोक नीति एवं प्रौद्योगिकी या अर्थव्यवस्था एवं रोजगार में उल्लेखनीय योगदान दिया हों।
संगीता की टीम ने उस कृत्रिम माइक्रोलीवर के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी, जिनका इस्तेमाल दवाओं के परीक्षण में किया जाता है।
मैसाचुसेट्स प्रौद्योगिकी संस्थान (एमआईटी) से जुड़ी संगीता भाटिया को 2015 के हेंज प्रौद्योगिकी, अर्थव्यवस्था और रोजगार पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इस पुरस्कार के तहत 250,000 डॉलर की राशि प्रदान की जाती है। यह पुरस्कार हर साल उन लोगों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने कला एवं मानविकी, पर्यावरण, मानव पारिस्थितिकी, लोक नीति एवं प्रौद्योगिकी या अर्थव्यवस्था एवं रोजगार में उल्लेखनीय योगदान दिया हों।
संगीता की टीम ने उस कृत्रिम माइक्रोलीवर के निर्माण में अहम भूमिका निभाई थी, जिनका इस्तेमाल दवाओं के परीक्षण में किया जाता है।
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