
इस्लामाबाद:
भारत अगले साल की आखिरी तिमाही में अफगानिस्तान पर बहुपक्षीय सम्मेलन की मेजबानी करेगा। 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन में भाग ले रहे देशों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यहां उपस्थित प्रतिनिधि इस क्षेत्र में आतंकवाद की सुरक्षित शरणस्थलियों को खारिज किए जाने का आह्वान करने वाले घोषणापत्र पर काम कर रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक 'इस्तांबुल प्रक्रिया' का हिस्सा थी। अधिकारियों ने कहा, 'महत्वपूर्ण प्रगति यह है कि भारत साल 2016 की आखिरी तिमाही में अगले 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन की मेजबानी करेगा।'
मौजूदा मंथन का ब्यौरा देते हुए अधिकारियों ने कहा कि मकसद यह है कि अफगानिस्तान को शांति एवं स्थिरता हासिल करने में इस क्षेत्र के देशों की मदद करने के प्रयासों में समन्वय बिठाया जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक 'इस्तांबुल प्रक्रिया' का हिस्सा थी। अधिकारियों ने कहा, 'महत्वपूर्ण प्रगति यह है कि भारत साल 2016 की आखिरी तिमाही में अगले 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन की मेजबानी करेगा।'
मौजूदा मंथन का ब्यौरा देते हुए अधिकारियों ने कहा कि मकसद यह है कि अफगानिस्तान को शांति एवं स्थिरता हासिल करने में इस क्षेत्र के देशों की मदद करने के प्रयासों में समन्वय बिठाया जाए।
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