- इस साल के गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय नौसेना की नई एंटी-शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल पहली बार प्रदर्शित होगी
- डीआरडीओ ने इस लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल को भारतीय नौसेना की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया है
- यह मिसाइल लगभग पंद्रह सौ किलोमीटर तक मारक क्षमता रखती है और विभिन्न युद्धक पेलोड ले जाने में सक्षम है
हर साल 26 जनवरी को होने वाली परेड में भातीय सेना की ताकत की लक देखने को मिलती है. इस साल भी गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर नजारा कुछ अलग ही होगा. ऐसे-ऐसे आधुनिक हथियार और मिसाइलों का प्रदर्शन किया जाएगा, जिनको देखकर सीमापार बैठे दुश्मन भी थर्रा उठेंगे. भारतीय सेना दुनिया के सामने एक ऐसी मिसाइल लेकर आएगी, जो अब तक किसी ने भी नहीं देखी है. यह मिसाइल है भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने वाली और देश का ब्रह्मास्त्र कही जाने वाली एंटी-शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल, जो कि 77वें गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार शामिल होगी.
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कर्तव्य पथ पर दिखेगी देश की ताकतपानी के रास्ते दुश्मन को पस्त करने वाली लंबी दूरी की इस मिसाइल को डीआरडीओ ने बनाया है. DRDO के एएसएल प्रोजेक्ट डायरेक्टर ए प्रसाद गौड ने बताया कि इस मिसाइल को भारतीय नौसेना की जरूरत को देखते हुए डीआरडीओ ने विकसित किया है. इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह हाइपरसोनिक है, इसलिए दुश्मन के रडार इसे पकड़ नहीं सकते.
#WATCH | Delhi | Long-range Anti-Ship Hypersonic Glide Missile, developed by DRDO, will be making its debut at the 77th Republic Day Parade
— ANI (@ANI) January 20, 2026
ASL Project Director at DRDO, A Prasad Goud says, "This missile is being developed by DRDO for the requirement of the Indian Navy. Its… pic.twitter.com/MyUry0y8lX
हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल की खासियत जानें
हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 1500 किलोमीटर है. यह विभिन्न पेलोड ले जाने में सक्षम है. जिनकी मदद से समुद्र में तैनात जहाजों पर लगे युद्धक हथियारों को नष्ट किया जा सकता है. यह मिसाइल हाइपरसोनिक स्पीड और उच्च वायुगतिकीय दक्षता के साथ यात्रा कर सकती है. यह मिसाइल स्वदेशी रूप से विकसित एक हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल है, जिसे देखकर दुश्मनों को ये समझने में जरा भी वक्त नहीं लगेगा कि मिसाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत अब एक बड़ा खिलाड़ी बन चुका है.

हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल दुश्मनों को करेगी तबाह
लंबी दूरी की इस मिसाइल से समुद्री में भी भारत की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी. इसे मिसाइल को एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोतों जैसे नेवल टॉरगेट को दूर से तबाह करने के लिए तैयार किया गया है. ऐसा कैरियर-किलर हथियार क्षमता दुनिया के चुनिंदा देशों के पास ही मौजूद है. एंटी-शिप हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल भारत की बढ़ती ताकत का एक बड़ा सबूत है. इसके साथ भारत भी अमेरिका, रूस, चीन जैसे देशों के क्लब में शामिल हो गया है. डीआरडीओ हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल टेक्नोलॉजी और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है.
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