
वाशिंगटन:
भारत अफगानिस्तान में पाकिस्तान को सामरिक गहराई से वंचित करना और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वहां उसके हितों पर हमले नहीं किए जाए, लेकिन कोई बड़ी सुरक्षा भूमिका निभा कर पाकिस्तान की भावनाओं को भड़काने में उसकी ज्यादा दिलचस्पी नहीं है।
अमेरिका की एक संसदीय रिपोर्ट में यह टिप्पणी की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो अहम पड़ोसियों के साथ अफगानिस्तान का रुख ‘नाजुक संतुलनकारी कृत्य’ है।
अमेरिकी संसद की एक स्वतंत्र शोध शाखा ‘कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस’ की रिपोर्ट में इसके भी ब्योरे हैं कि अफगानिस्तान में भारत की गतिविधियां किस तरह पाकिस्तान के विपरीत हैं और कैसे भारत तालिबान के साथ सुलह-सफाई से चौकस और सतर्क है।
सीआरएस की नवीनतम अफगान रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अफगानिस्तान में भारत के हित और गतिविधियां पाकिस्तान के हित और गतिविधियों के विपरीत हैं। भारत का लक्ष्य अफगानिस्तान में पाकिस्तान को ‘सामरिक गहराई’ से वंचित करना है, व्यापार और मध्य एशिया के साथ अन्य रिश्तों में भारत को रोकने की क्षमता से पाकिस्तान को वंचित करना और अफगानिस्तान में भारतीय लक्ष्यों पर हमला करने से अफगानिस्तान में आतंकवादियों को रोकना है।’
अमेरिका की एक संसदीय रिपोर्ट में यह टिप्पणी की गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो अहम पड़ोसियों के साथ अफगानिस्तान का रुख ‘नाजुक संतुलनकारी कृत्य’ है।
अमेरिकी संसद की एक स्वतंत्र शोध शाखा ‘कांग्रेशनल रिसर्च सर्विस’ की रिपोर्ट में इसके भी ब्योरे हैं कि अफगानिस्तान में भारत की गतिविधियां किस तरह पाकिस्तान के विपरीत हैं और कैसे भारत तालिबान के साथ सुलह-सफाई से चौकस और सतर्क है।
सीआरएस की नवीनतम अफगान रिपोर्ट में कहा गया है, ‘अफगानिस्तान में भारत के हित और गतिविधियां पाकिस्तान के हित और गतिविधियों के विपरीत हैं। भारत का लक्ष्य अफगानिस्तान में पाकिस्तान को ‘सामरिक गहराई’ से वंचित करना है, व्यापार और मध्य एशिया के साथ अन्य रिश्तों में भारत को रोकने की क्षमता से पाकिस्तान को वंचित करना और अफगानिस्तान में भारतीय लक्ष्यों पर हमला करने से अफगानिस्तान में आतंकवादियों को रोकना है।’