पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों और कई सांसदों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. रावलपिंडी के अदियाला रोड पर हुई अशांति के बाद पाकिस्तानी पुलिस ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों, संसद और विधानसभा के कई सदस्यों और लगभग 1400 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, अडियाला चेकपोस्ट के प्रभारी सब-इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर बुधवार को एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें हत्या के प्रयास और कानून प्रवर्तन का विरोध करने के आरोप शामिल हैं.इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने अडियाला जेल में बंद खान से मिलने पर लगाए गए प्रतिबंधों के खिलाफ "शांतिपूर्ण विरोध" का आह्वान किया था. अधिकारियों ने पूरे जिले में धारा 144 लागू कर 15 दिनों के लिए सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया
रावलपिंडी में लागू व्यापक प्रतिबंधों के बीच पाकिस्तानी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने खान की बहनों सहित पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जेल के बाहर हो रहे विरोध प्रदर्शन को कथित तौर पर समाप्त कर दिया. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके, जिससे नौ जवान घायल हो गए. पुलिस ने यह भी बताया कि 41 संदिग्धों को मौके पर हिरासत में लिया गया था, लेकिन वे बाद में भाग गए, जबकि कई अन्य भी फरार हो गए.
एफआईआर में पत्थरबाजी और लाठियों के इस्तेमाल से हुई अशांति के दौरान सरकारी और निजी दोनों वाहनों को हुए नुकसान की सूचना दी गई है. पाकिस्तानी दैनिक एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, पुलिस ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पंजाब की प्रांतीय सरकार पर दबाव बनाने के लिए राजनीतिक लाभ हेतु अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की. इस बीच, एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने रावलपिंडी की अडियाला जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे पीटीआई समर्थकों की हिरासत की निंदा करते हुए इसे गैरकानूनी और देश में विरोध करने के अधिकार के दमन का एक और उदाहरण बताया.
एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार, खान की बहनों, नोरीन नियाज़ी और उज़मा खानम सहित हिरासत में लिए गए लोग अदालत द्वारा अनिवार्य साप्ताहिक पारिवारिक मुलाकातों के तहत जेल परिसर के बाहर जमा हुए थे, जिन पर 2 दिसंबर, 2025 से रोक लगा दी गई है. मानवाधिकार संगठन ने कहा, कानूनी मुलाकातों की सुविधा देने के बजाय, अधिकारियों ने मनमानी हिरासत, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया। इमरान खान की बहनों और अन्य महिला प्रदर्शनकारियों को जेल के पास एक बंद दुकान में घंटों तक जबरन बंद रखा गया, जबकि दर्जनों अन्य को मूसलाधार बारिश में लगभग पांच घंटे तक खुले में हिरासत में रखा गया.
संगठन ने आगे कहा, ये कार्रवाई पीटीआई समर्थकों और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के परिवार को निशाना बनाने के पैटर्न का हिस्सा है. इसमें शांतिपूर्ण विरोध को अपराध घोषित किया जाता है. धारा 144 के तहत व्यापक और मनमाने प्रतिबंधों का इस्तेमाल असहमति को दबाने के लिए किया जाता है. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तानी अधिकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर अपनी कार्रवाई तुरंत समाप्त करने, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकारों का सम्मान करने को कहा है. पिछले कुछ महीनों में, पीटीआई ने हर मंगलवार और गुरुवार को अडियाला जेल के बाहर धरना प्रदर्शन किया है, जो अदालत द्वारा खान से मिलने के लिए तय दिन है. इमरान खान को अभी भी अपने परिवार के सदस्यों और पार्टी नेताओं से मिलने में प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है.
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