- ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद कर दिया है
- ईरान ने लेबनान में इजरायली हमलों को होर्मुज दोबारा बंद करने का कारण बताया है
- ईरान की वार्ता टीम स्विट्जरलैंड जा रही है, लेकिन अमेरिका के समझौते पालन तक कोई प्रगति संभव नहीं है
ईरान की जॉइंट मिलिट्री कमांड ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद कर दिया गया है. इसके पीछे लेबनान में इजरायली हमलों और युद्ध खत्म ना कर पाने के कारण अमेरिका की "बदनीयती" और "अपने वादों को साफ तौर पर तोड़ने" का हवाला दिया गया. सरकारी टीवी पर दिए गए बयान में यह चेतावनी भी दी गई कि "अगर आक्रामकता जारी रहती है, तो आगे के कदम उठाने की योजना बनाई गई है."
🚨 BREAKING
— IRIB (Islamic Republic of Iran Broadcasting) (@iribnews_irib) June 20, 2026
Iranian Armed Forces:
If the agreement continues to be violated, further #steps will be planned and taken to force the enemy to fulfill its obligations.
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कुछ ही मिनटों बाद, सरकारी प्रसारक ने बताया कि देश की बातचीत करने वाली टीम स्विट्जरलैंड जा रही है. यह यात्रा मूल रूप से शुक्रवार के लिए तय की गई थी, लेकिन रद्द कर दी गई थी. हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने संकेत दिया कि जब तक ईरान को यह महसूस नहीं होता कि अमेरिका समझौते का पालन कर रहा है, तब तक शायद ही कुछ हो पाएगा. उन्होंने कहा, "इसलिए यह यात्रा इस मांग के बारे में है कि दूसरी पार्टी अपनी जिम्मेदारियां पूरी करे." उन्होंने आगे कहा कि अंतिम समझौते के लिए बातचीत तभी शुरू होगी, जब लेबनान में लड़ाई खत्म करने सहित मुख्य वादों को पूरा किया जाएगा. बाघेई ने कहा, "अगर इन समझौतों या वादों के किसी भी हिस्से को लागू नहीं किया जाता है, तो पूरे समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर संकट आ जाएगा."
इजरायल के हमले से बदला माहौल
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद जहाजों ने इस जलडमरूमध्य से गुजरना शुरू कर दिया था. मगर, शनिवार को दक्षिणी लेबनान पर हुए इजरायली हमलों में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे. ये हमले संघर्ष-विराम समझौते की खबरें आने के कुछ ही घंटों बाद हुए. इसके बाद से हमले जारी हैं. ईरान लगातार लेबनान में हिज्बुल्लाह का समर्थन करता रहा है. उसने तत्काल धमकी दी कि अगर इजरायल ने हमले नहीं रोके तो वो समझौते से पीछे हट जाएगा. इसके बाद अमेरिका ने बैक चैनल बात की और ईरान से कहा कि वो हिज्बुल्लाह को रोके तो अमेरिका इजरायल को रोकेगा. फिर कल ही खबर आई कि इजरायल और हिज्बुल्लाह संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, लेकिन फिर भी इजरायल नहीं रुका. अब ईरान ने बड़ा फैसला कर लिया.
जेडी वेंस का स्विटजरलैंड जाने पर आया बयान
वहीं एपी के अनुसार, अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस का कहना है कि ईरान पर बातचीत के लिए आने वाले दिनों में उनके स्विट्जरलैंड जाने की उम्मीद है. वहीं एएफपी के अनुसार, पाकिस्तान ने कहा कि मध्य पूर्व में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका-ईरान समझौते को लागू करने पर तकनीकी बातचीत रविवार को स्विट्जरलैंड में होगी. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा, "इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर के बाद, 21 जून को स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक में तकनीकी स्तर की बातचीत होगी." मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस बातचीत में पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के साथ शामिल होंगे.
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