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गयाना की संसद में गूंजी हिंदी, मंत्री ने विपक्ष से कहा- माननीय अध्यक्ष महोदय मैं चुनौती देता हूं, देखिए वीडियो

गयाना में भारतीय मूल के लोगों की भरमार है. ये सभी गिरमिटिया परिवारों से ताल्लुक रखते हैं. यहां हिंदी और भोजपुरी बोलना आम है.

गयाना की संसद में गूंजी हिंदी, मंत्री ने विपक्ष से कहा- माननीय अध्यक्ष महोदय मैं चुनौती देता हूं, देखिए वीडियो
विकास रामकिसुन ने देश के बजट 2026 पार्लियामेंट्री डिबेट के दौरान हिंदी में जबरदस्त जवाब दिया.
  • गयाना के कृषि राज्य मंत्री विकास रामकिसुन ने संसद में हिंदी में विपक्ष को बहस की चुनौती दी थी
  • गयाना की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, लेकिन वहां भारतीय मूल के करीब चालीस प्रतिशत लोग रहते हैं
  • भारतीय वंशज गयाना की कुल आबादी में लगभग 40 प्रतिशत हैं, जो 1838 से 1917 के बीच आए थे
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दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्वी तट पर स्थित एक देश गयाना है. यहां की संसद में एक मंत्री ने विपक्ष को हिंदी में ऐसा ललकारा कि वीडियो गयाना से भारत तक वायरल हो गया. चेतावनी देने वाले गयाना के कृषि राज्य मंत्री विकास रामकिसुन हैं. दरअसल, विपक्ष के एक सदस्य ने उनकी हिंदी की जानकारी पर संसद में सवाल उठा दिया था, इसी पर मंत्री महोदय भड़क गए और हिंदी में डिबेट करने की चुनौती दे दी. 

गयाना में 'अपने' ही लोग

मंत्री का वीडियो दिखाने से पहले आपको बता दें Guyana की आधिकारिक भाषा अंग्रेजी है, लेकिन देश में भारतीय मूल के लोगों की भरमार है. ये सभी गिरमिटिया परिवारों से ताल्लुक रखते हैं. यहां हिंदी और भोजपुरी बोलना आम है. इन्हें आज से करीब 200 साल पहले अंग्रेज कैरेबियाई और दक्षिण अमेरिकी देशों में लेकर गए थे. इंडो-गयाना के लोग गयाना की आबादी का लगभग 40% हैं. ये सभी लगभग 239,000 भारतीय मजदूरों के वंशज हैं, जो 1838 और 1917 के बीच आए थे, जो ज्यादातर आज के उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाकों से थे. 24 नवंबर को पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में भी इस बात का जिक्र किया था.

गयाना के मंत्री का वीडियो

विकास रामकिसुन ने देश के बजट 2026 पार्लियामेंट्री डिबेट के दौरान हिंदी में जबरदस्त जवाब दिया. जब उनसे उनकी हिंदी पर पकड़ के बारे में पूछा गया, तो मंत्री ने नेशनल असेंबली में हिंदी में कहा, 'आदरणीय सर, जिसे भी लगता है कि मैं हिंदी में नहीं बोल सकता, मैं उनसे हिंदी में डिबेट करूंगा.' उन्होंने विपक्ष के सदस्य का नाम लिया और खुली चुनौती दी. रामकिसुन ने कहा कि वह अपने विरोधी द्वारा चुनी गई किसी भी जगह पर, किसी भी विषय पर बहस करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि बहस किसी भी टेलीविजन चैनल पर हो सकती है और यह पूरी तरह से हिंदी में होगी, बिना नोट्स या कागज पढ़े. 

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