इस्लामाबाद:
मेमोगेट विवाद के कारण सेना और असैन्य सरकार के बीच उपजे तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने फिर हिदायत देने के लहजे में कहा कि न्यायपालिका और सेना सहित सभी सरकारी संस्थाओं को अपनी संवैधानिक सीमा में रहकर काम करना चाहिए। गिलानी ने कहा, संसद, न्यायपालिका और सेना का हम सम्मान करते हैं। हम चाहते हैं कि ये तीनों सरकारी संस्थाएं अपनी संवैधानिक सीमा में रहते हुए मिलकर काम करें। कराची में अपने कैबिनेट के साथियों के साथ एक बैठक के दौरान उन्होंने कहा, हम उनके साथ हैं और उनका पूरा समर्थन करते हैं। हम किसी भी संस्था को ढहते देखने का इरादा नहीं रखते। गिलानी ने आगे कहा कि उनकी सरकार सभी सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, कभी-कभी सरकारें बनती हैं और कभी-कभार गिर भी जाती हैं। हम कई बार गिरे और उठे हैं। अब सत्ता में रहने के लिए हमें एक नया संघर्ष करना है।
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गिलानी, न्यायपालिका, सेना