अमेरिका स्थित कश्मीरी अलगाववादी नेता गुलाम नबी फई ने आईएसआई के लिए जासूसी करने और कश्मीर पर लॉबिंग करने के आरोपों को स्वीकार कर लिया।
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
वाशिंगटन:
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को उस समय एक बड़ा भटका लगा जब अमेरिका स्थित कश्मीरी अलगाववादी नेता गुलाम नबी फई ने इस एजेंसी के लिए जासूसी करने और कश्मीर पर अमेरिकी नीति को प्रभावित करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस में लॉबिंग करने के आरोपों को स्वीकार कर लिया। फई (62) ने यह भी स्वीकार किया कि उसने आईएसआई से गुप्त रूप से धन प्राप्त किया और अमेरिका की सरकार को दो लाख से चार लाख डॉलर के राजस्व का नुकसान किया। वर्जीनिया में यूएस ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के समक्ष जुर्म कबूल करते हुए कश्मीरी अमेरिकी काउंसिल (केएसी) के प्रमुख फई ने जुर्म कबूल कर लिया और संघीय अभियोजकों के इन आरोपों से सहमत हुए कि आईएसआई से उन्होंने 1990 से 2011 के बीच 35 लाख डॉलर प्राप्त किए। उसे 9 मार्च को सजा सुनाई जाएगी। फई ने अदालत के समक्ष स्वीकार किया कि वह आईएसआई के सुरक्षा निदेशालय प्रमुख सहित कई अधिकारियों के सीधे संपर्क में था। यूएस अटॉर्नी पार द ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑप वर्जीनिया के नील मैकब्राइड ने उसके जुर्म स्वीकार करने की बात की घोषणा की। उसने स्वीकार किया कि क्या कहना है और क्या लिखना है, यह सब निर्देश उसे आईएसआई से मिलता था। वह इस बात को लेकर सहमत था कि आईएसआई ने उसे निर्देश दिया कि केएसी सम्मेलनों में किस व्यक्ति विशेष को आमंत्रित किया जाए। अमेरिकी अटॉर्नी मैकब्राइड ने कहा, पिछले 20 वर्षों से फई ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से लाखों डॉलर गुप्त रूप से लिए और अमेरिका की सरकार से इस बारे में झूठ बोला। उन्होंने कहा, आईएसआई के पैसे पर पल रहे फई ने जब भी अमेरिका के निर्वाचित नेताओं से मुलाकात की, तब अपने संचालकों की वकालत की, उच्च प्रोफाइल वाले सम्मेलनों को वित्त पोषित किया और वाशिंगटन में नीति निर्माताओं के समक्ष कश्मीरी मुद्दे को बढ़ावा दिया। जुलाई में दायर हलफनामे में आरोप लगाया गया था कि केएसी भले ही खुद को कश्मीरियों द्वारा चलाया जा रहा कश्मीरी संगठन और अमेरिका से वित्त पोषित बताता रहा हो, लेकिन यह आईएसआई सहित पाकिस्तान की सरकार की ओर से चलाये जा रहे तीन कश्मीरी केंद्रों में से एक था। दो अन्य कश्मीर केंद्र लंदन और ब्रसेल्स में हैं।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं
गुलाम नबी फई, आईएसआई एजेंट, अमेरिका, जासूसी