Amit Shah Visit Chhattisgarh: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर प्रदेश की सियासत गर्मा गई है. 17 से 19 मई तक होने वाले इस तीन दिवसीय दौरे से पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर के विकास का रोडमैप प्रस्तुत किया. इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए इस रोडमैप को सार्वजनिक करने की मांग कर दी है. कांग्रेस का आरोप है कि विकास के नाम पर वास्तविक काम नजर नहीं आ रहा, जबकि भाजपा इसे बस्तर में बदलाव का नया दौर बता रही है. गृह मंत्री के दौरे से पहले दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है.
17 से 19 मई तक छत्तीसगढ़ में रहेंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 17 मई की शाम रायपुर पहुंचेंगे और यहीं रात्रि विश्राम करेंगे. 18 मई को वे राजधानी रायपुर में डायल-112 इमरजेंसी सेवा के वाहनों को हरी झंडी दिखाएंगे. इसके बाद वे सीधे बस्तर रवाना होंगे, जहां उनका पूरा फोकस विकास और सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों पर रहेगा. 19 मई को बस्तर में मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक होगी, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे.
बस्तर विकास पर सरकार का दावा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर अब नक्सल हिंसा से काफी हद तक मुक्त हो चुका है और अब वहां विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने बताया कि “स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जांच कर रही हैं और अब तक करीब 70 हजार लोगों तक पहुंचा जा चुका है. आगे 36 लाख लोगों को कवर करने की योजना है. इसके साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर लोगों को राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
दिल्ली में मुलाकात और रोडमैप पर सियासी घमासान
15 मई को मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम की दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद सियासत गरमा गई. सरकार का दावा है कि इस दौरान बस्तर के विकास का विस्तृत रोडमैप पेश किया गया है. लेकिन कांग्रेस ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर रोडमैप तैयार है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए.
कांग्रेस का हमला: ‘कहां है विकास?'
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर कई सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पिछले साल बारिश में टूटे पुल-पुलिया तक नहीं बन पाए हैं, ऐसे में बड़े-बड़े विकास के दावे सवालों के घेरे में हैं. बैज ने आरोप लगाया कि बस्तर में विकास के नाम पर कहीं उद्योगपतियों को जमीन देने की तैयारी तो नहीं हो रही. उन्होंने कहा कि सरकार को पारदर्शिता दिखाते हुए रोडमैप जनता के सामने रखना चाहिए.
बीजेपी का पलटवार: ‘विकास देखकर आएं'
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को हर बात में सबूत मांगने की आदत हो गई है. उन्होंने कहा कि दशकों बाद बस्तर नक्सलवाद के असर से बाहर निकल रहा है और अब वहां विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं. भाजपा ने कांग्रेस को सलाह दी कि सवाल उठाने की बजाय क्षेत्र में जाकर काम देखना चाहिए.
बस्तर में पहली बार बड़ी बैठक
19 मई को बस्तर में मध्य क्षेत्र परिषद की बैठक होना अपने आप में अहम माना जा रहा है. इसमें चार राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे, जहां सुरक्षा, विकास और समन्वय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी. यह बैठक बस्तर को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रयास के रूप में भी देखी जा रही है.
संभावित दौरे में गांव का भी दौरा
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह बस्तर के किसी दूरस्थ गांव का भी दौरा कर सकते हैं. इसके अलावा वे सुरक्षा बलों के जवानों से मुलाकात कर उनके अनुभव जानेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे.
क्या बदलेगा बस्तर का भविष्य?
बस्तर लंबे समय तक नक्सल हिंसा की वजह से पिछड़ा रहा है. अब सरकार इसे विकास के मॉडल के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है. हालांकि विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा है कि जमीनी स्थिति और दावों में कितना अंतर है. आने वाला समय तय करेगा कि यह रोडमैप सिर्फ कागजों तक सीमित रहता है या वास्तव में बस्तर के लोगों तक बदलाव पहुंचाता है.
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