- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान न्यूक्लियर डील को अमेरिका की सुरक्षा के लिए सबसे खराब समझौता बताया.
- ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को 1.7 अरब डॉलर नकद राशि बोइंग 757 विमान में भेजी गई थी.
- उन्होंने कहा कि उनकी अगुवाई में बनने वाली नई डील जेसीपीओए से बेहतर और ज्यादा सुरक्षित होगी.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान न्यूक्लियर डील (जेसीपीओए) को लेकर फिर तीखा हमला बोला. उन्होंने इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद खराब समझौता बताया और कहा कि उनकी अगुवाई में तैयार की जा रही नई डील इससे कहीं बेहतर और ज्यादा सुरक्षित होगी. ट्र्रंप ने दावा किया कि ईरान को 1.7 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि भी दी गई थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर कहा, "हम जो डील ईरान के साथ कर रहे हैं, वो जेसीपीओए (जिसे आम तौर पर “ईरान न्यूक्लियर डील” कहा जाता है) से कहीं बेहतर होगी. यह डील बराक हुसैन ओबामा और स्लीपी जो बाइडेन ने की थी और यह हमारे देश की सुरक्षा से जुड़ी सबसे खराब डील्स में से एक थी. यह सीधे तौर पर ईरान को परमाणु हथियार की तरफ ले जाने का रास्ता था, लेकिन जो नई डील हम बना रहे हैं, उसमें ऐसा बिल्कुल नहीं होगा और न ही होने दिया जाएगा."
ईरान को 1.7 अरब डॉलर नकद दिए: ट्रंप
ट्रंप ने पोस्ट में आगे कहा, "उन्होंने 1.7 अरब डॉलर नकद 'ग्रीन' पैसे के रूप में दिए थे, जिसे एक बोइंग 757 में भरकर ईरान भेजा गया, ताकि वहां की लीडरशिप उसे जैसे चाहे वैसे खर्च करे. इसके लिए वॉशिंगटन डीसी, वर्जीनिया और मैरीलैंड के बैंकों से सारा कैश निकाल लिया गया था. वहां के बैंकरों ने कहा कि उन्होंने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा.
ट्रंप ने कहा कि इसके अलावा सैकड़ों बिलियन डॉलर भी ईरान को दिए गए. अगर मैं उस डील को खत्म नहीं करता तो आज इजरायल और पूरे मिडिल ईस्ट में यहां तक कि हमारे अमेरिकी मिलिट्री बेस पर भी परमाणु हथियार इस्तेमाल हो चुके होते.
साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि फेक न्यूज, जैसे वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार डेविड इग्नेशियस, जेसीपीओए की बात करना पसंद करते हैं, जबकि उन्हें पता है कि वह कितनी खतरनाक और हमारे देश के लिए शर्मनाक डील थी.
नई डील दुनिया के लिए शांति सुनिश्चित करेगी: ट्रंप
ट्रंप ने पोस्ट में आगे कहा, अगर मेरे तहत कोई नई डील होती है तो वह सिर्फ इजरायल और मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि यूरोप, अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करेगी. यह ऐसी डील होगी जिस पर पूरी दुनिया को गर्व होगा, ना कि पिछली तरह शर्मिंदगी और अपमान झेलना पड़ेगा, जो हमें कमजोर और अक्षम नेतृत्व की वजह से सहना पड़ा."
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