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इस्लामाबाद में आज बैठक होगी या नहीं? ट्रंप की धमकी और ईरान के 'नए पत्ते' ने बनाया सस्पेंस- 10 UPDATE

US- Iran 2nd Round Talks in Pakistan Updates: अमेरिका और ईरान, दोनों ने एक-दूसरे को चेतावनी दी कि वे युद्ध के लिए तैयार हैं, क्योंकि युद्धविराम (सीजफायर) खत्म होने का समय करीब आ रहा है.

इस्लामाबाद में आज बैठक होगी या नहीं? ट्रंप की धमकी और ईरान के 'नए पत्ते' ने बनाया सस्पेंस- 10 UPDATE
US- Iran 2nd Round Talks in Pakistan Updates: ईरान-अमेरिका शांतिवार्ता पर आखिरी घंटों में सस्पेंस

US- Iran 2nd Round Talks in Pakistan Updates: अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के लिए पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता होगी या नहीं? इस सवाल के जवाब पर मिडिल ईस्ट ही नहीं, पूरी दुनिया की नजर है. दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का सीजफायर खत्म होने को है और डर है कि एक बार फिर यह जंग भयावह रूप ले लेगी. एक तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में बातचीत फिर शुरू होने की बात कही और जेडी वेंस के इस्लामाबाद जाने की तैयारी भी है. लेकिन ईरान ने अब तक इसमें भाग लेने की पुष्टि नहीं की और अमेरिका पर नाकाबंदी तोड़ने का आरोप लगाया है. ईरान ने साफ कहा कि धमकी के बीच बातचीत नहीं होगी. ट्रंप दबाव बनाए हुए हैं और नाकाबंदी हटाने से मना कर रहे हैं. हालात तनावपूर्ण हैं, और अगर सीजफायर खत्म हुआ तो जंग फिर तेज हो सकती है. वार्ता से जुड़े सस्पेंस पर 10 बड़े अपडेट यह रहे. 

  1. अमेरिका और ईरान, दोनों ने एक-दूसरे को चेतावनी दी कि वे युद्ध के लिए तैयार हैं, क्योंकि युद्धविराम (सीजफायर) खत्म होने का समय करीब आ रहा है. ट्रंप के अनुसार यह सीजफायर भारतीय समयानुसार गुरुवार की तड़के सुबह खत्म होगा. इस बीच पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.  ट्रंप ने घोषणा की है कि दूसरे दौर की वार्ता पाकिस्तान में फिर से सोमवार को शुरू होगी. लेकिन अबतक ईरान ने अपना प्रतिनिधिमंडल भेजने की पुष्टि नहीं की है.
  2. व्हाइट हाउस ने कहा है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद वापस जाने के लिए तैयार हैं, जहां शांति वार्ता के लिए दूसरी बैठक की तैयारी साफ दिखाई दे रही है. 
  3. लेकिन ईरान ने यह पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि वह बातचीत में हिस्सा लेगी या नहीं. उसने अमेरिका पर आरोप लगाया कि उसने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी करके और एक जहाज को जब्त करके सीजफायर का उल्लंघन किया है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर कहा कि नाकाबंदी लगाकर और युद्धविराम तोड़कर ट्रंप बातचीत की मेज को सरेंडर की मेज बनाना चाहते हैं या अपनी मर्जी से फिर से लड़ाई शुरू करने का बहाना बनाना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा, “हम धमकी की छाया में बातचीत को स्वीकार नहीं करते, और पिछले दो हफ्तों में हम युद्ध के मैदान में नए पत्ते दिखाने की तैयारी कर रहे हैं.” 
  4. दूसरी तरफ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जाने को पूरी तरह तैयार है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ स्टीव विटकॉफ, जो ट्रंप के विशेष दूत हैं, और जारेड कुशनर, जो राष्ट्रपति के दामाद हैं, भी यात्रा करेंगे. हालांकि ईरान के राष्ट्रपति ने चेतावनी दी कि अमेरिका के प्रति “गहरा ऐतिहासिक अविश्वास” अभी भी मौजूद है. हालांकि रॉयटर्स न्यूज एजेंसी को एक सीनियर ईरानी अधिकारी ने बताया कि ईरान अपनी भागीदारी को लेकर कुछ हद तक अंदरखाने सकारात्मक भी है. खबरों के अनुसार, अगर वेंस शामिल होते हैं, तो ईरान का प्रतिनिधिमंडल फिर से मोहम्मद बाकेर गालिबाफ के नेतृत्व में हो सकता है.
  5. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक ईरान युद्ध खत्म करने के लिए शांति समझौते पर सहमत नहीं होता, तब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी नहीं हटाएगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “यह नाकाबंदी, जिसे हम तब तक नहीं हटाएंगे जब तक कोई ‘डील' नहीं होती, पूरी तरह ईरान को तबाह कर रही है.” उन्होंने आगे कहा, “वे हर दिन 500 मिलियन डॉलर खो रहे हैं, जो कि टिकाऊ नहीं है, यहां तक कि थोड़े समय के लिए भी नहीं.”
  6. सोमवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अमेरिका मजबूत स्थिति में है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरान को कमजोर कर दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका “जीत रहा है” और ईरान की सैन्य क्षमता काफी कम हो चुकी है. साथ ही उन्होंने मीडिया के कुछ हिस्सों की आलोचना की, जो कथित तौर पर स्थिति को अलग तरीके से दिखा रहे हैं.
  7. ट्रंप ने PBS News को बताया कि ईरान को पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में “आना चाहिए था.” उन्होंने कहा कि हमने वहां होने पर सहमति जताई थी और चेतावनी दी कि अगर युद्धविराम खत्म हुआ तो “फिर बहुत सारे बम गिरने शुरू हो जाएंगे.” उन्होंने ब्लूमबर्ग न्यूज से अलग से कहा कि यह बहुत ही कम संभावना है कि वह दो हफ्ते के युद्धविराम को आगे बढ़ाएंगे.
  8. अमेरिकी सीनेट के अल्पसंख्यक नेता चक शूमर ने घोषणा की कि डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ट्रंप के ईरान युद्ध को रोकने के लिए युद्ध शक्तियों से जुड़े प्रस्ताव पर पांचवीं बार वोट करवाएंगे. शूमर ने कहा, “सीनेट के रिपब्लिकन चुप नहीं बैठ सकते जबकि हमारे सैनिक मोर्चे पर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. हम उन्हें रिकॉर्ड पर लाते रहेंगे जब तक युद्ध खत्म नहीं हो जाता या वे हमारे साथ वोट करने की हिम्मत नहीं जुटा लेते.” बता दें कि अमेरिकी संविधान कहता है कि युद्ध घोषित करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं, बल्कि कांग्रेस के पास होता है.
  9. संयुक्त राष्ट्र की मानवीय एजेंसी के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने सोमवार को कहा कि डोनाल्ड ट्रंप हर हफ्ते ईरान के युद्ध पर 2 अरब डॉलर (लगभग 1.5 अरब पाउंड) खर्च कर रहे हैं, और यह पैसा 8.7 करोड़ से ज्यादा लोगों की जान बचाने में इस्तेमाल किया जा सकता था.
  10. इजरायल और लेबनान, जिनके बीच कोई कूटनीतिक संबंध नहीं हैं, गुरुवार को वॉशिंगटन में दूसरी दौर की बातचीत करेंगे, ऐसा स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने AFP को बताया. शुक्रवार को दोनों के बीच एक अलग युद्धविराम की घोषणा की गई थी, जिसमें हिज्बुल्लाह भी शामिल था. हिज्बुल्लाह ने ईरान के समर्थन में रॉकेट हमले किए थे, जिससे लेबनान इस युद्ध में शामिल हो गया.

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