विज्ञापन
This Article is From Apr 06, 2017

'रिजीजू ज्यादा भोले बनने की कोशिश न करें...' चीनी मीडिया ने गृह राज्यमंत्री पर किया हमला

'रिजीजू ज्यादा भोले बनने की कोशिश न करें...' चीनी मीडिया ने गृह राज्यमंत्री पर किया हमला
दलाई लामा और किरण रिजीजू की चीनी मीडिया ने आलोचना की.(फाइल फोटो)
बीजिंग: चीन के सरकारी मीडिया ने आज कहा कि अगर भारत, दलाई लामा को अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करने की अनुमति देकर घटिया खेल खेलता है तो चीन को भी ''ईंट का जवाब पत्थर से देने में'' हिचकना नहीं चाहिए. दो अंग्रेजी अखबारों-चाइना डेली और ग्लोबल टाइम्स ने भारत के गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू के बयान के बाद भारत पर तीखा हमला बोला है. रिजीजू ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश, जिसे चीन दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता है, वह ''भारत का अभिन्न हिस्सा है.'' रिजीजू की टिप्पणियों पर विरोध जताते हुए इन अखबारों ने कहा कि भारत दलाई लामा का इस्तेमाल चीन के खिलाफ एक 'रणनीतिक हथियार' के रूप में कर रहा है. वह ऐसा इसलिए कर रहा है क्योंकि चीन ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध के खिलाफ 'वीटो जैसे मजबूत' अधिकार का इस्तेमाल किया है.

चाइना डेली ने अपने संपादकीय में कहा, ''नई दिल्ली ने ना सिर्फ 14वें दलाई लामा को दक्षिणी तिब्बत में आने की इजाजत दी बल्कि 'तिब्बती आजादी' के आध्यात्मिक नेता को भारत के गृह मामलों के कनिष्ठ मंत्री ने एक सैर भी करवाई. दक्षिणी तिब्बत भारत द्वारा अवैध ढंग से कब्जाया गया ऐतिहासिक चीनी क्षेत्र है और भारत उसे 'अरुणाचल  प्रदेश' कहता है.'' संपादकीय में कहा गया,''बीजिंग के लिए यह दोहरा अपमान है.''  

संपादकीय में कहा गया, ''बीजिंग के कूटनीतिक अभिवेदनों से एक पंक्ति लेकर रिजीजू खुद को मासूम समझ सकते हैं लेकिन उन्होंने यहां एक मूल अंतर को नजरअंदाज कर दिया कि ताइवान और चीन के किसी भी अन्य हिस्से की तरह, तिब्बत चीनी क्षेत्र का हिस्सा है फिर चाहे नई दिल्ली इस पर सहमत हो या न हो.''

इसमें कहा गया, ''दूसरी ओर, दक्षिणी तिब्बत को उनके (रिजीजू के) देश के पूर्व औपनिवेशिक स्वामी ने चीन के अंदरूनी तनाव का फायदा उठाते हुए चुरा लिया था. यदि रिजीजू को दक्षिणी तिब्बत की स्थिति को लेकर कोई सवाल हो तो वह ऐतिहासिक अभिलेखागारों से संपर्क कर सकते हैं.'' इसमें कहा गया, ''न तो मैकमोहन रेखा को और न ही मौजूदा अरुणाचल प्रदेश को चीन का समर्थन प्राप्त है. इसी रेखा के जरिए भारत दक्षिणी तिब्बत पर अपने असल नियंत्रण को उचित ठहराता है. दूसरे शब्दों में कहें तो इस क्षेत्र पर भारत का कब्जा कानूनी तौर पर असमर्थनीय है. इसलिए इसका इस्तेमाल एक लाभ के तौर पर करना न सिर्फ अनुचित है बल्कि अवैध भी है.''  

इन आक्रामक संपादकीयों से पहले कल चीन ने तिब्बती आध्यात्मिक नेता की इस क्षेत्र की यात्रा पर भारतीय राजदूत विजय गोखले के समक्ष विरोध दर्ज कराया था. दलाई लामा अरुणाचल प्रदेश की नौ दिवसीय यात्रा पर हैं. सीपीसी संचालित ग्लोबल टाइम्स ने यात्रा के दौरान दलाई लामा के साथ जाने को लेकर रिजीजू की आलोचना की है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Dalai Lama, Dalai Lama Arunachal Visit, Kiren Rijiju, China, Chinese Media
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com