बीजिंग:
विश्व में चिंता प्रकट करने वाले चीन के पहले विमानवाहक अपनी प्रणालियों और क्षमताओं के परीक्षण के लिए चार दिन की समुद्री यात्रा के बाद अपने ठिकाने पर लौट आया है। विमानवाहक में उक्रेन से आयातित वेरयाग नामक प्लेटफार्म फिर से लगाया गया। शिन्ह्वा संवाद समिति ने बताया कि पीले सागर में चार दिन के परीक्षण के बाद वह चीन के लिओनिंग प्रांत के डालियान बंदरगाह लौट आया। परीक्षण के दौरान विमानवाहक की इलेक्ट्रानिक प्रणालियों नौवहन प्रणालियों तथा हथियारों को परखा गया। चीन के एक विशेषज्ञ यिन झुओ के अनुसार इसकी राडार प्रणाली दुनिया के सर्वाधिक उन्नत प्रणाली में एक है। विमानवाहक में चीनी निर्मित 30 जे-15 लडाकू विमान और हेलीकाप्टर तथा चालक दल के करीब 2000 सदस्यों की क्षमता है। उसके अगले सात अगस्त में औपचारिक तौर पर चीन की नौसेना में शामिल होने की उम्मीद है।