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टैरिफ पर 'सुप्रीम फैसले' के बाद ट्रंप के आगे अड़ा चीन, अमेरिका को मैसेज भेजा- एकतरफा टैरिफ रद्द करो

टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने गुस्से में पहले 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लगाया और फिर इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था.

टैरिफ पर 'सुप्रीम फैसले' के बाद ट्रंप के आगे अड़ा चीन, अमेरिका को मैसेज भेजा- एकतरफा टैरिफ रद्द करो
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपित शी जिनपिंग (फाइल फोटो)
  • US सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि ट्रंप को 1977 के कानून के तहत दूसरे देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने पहले 10 प्रतिशत और फिर 15 प्रतिशत का नया टैरिफ लगाया
  • चीन ने अमेरिका से अपील की कि वह अपने एकतरफा टैरिफ उपायों को पूरी तरह रद्द कर दे
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चीन ने सोमवार, 23 फरवरी को अमेरिका से अपील की कि वह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए एकतरफा टैरिफ को रद्द कर दे. यह अपील अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद की गई, जिसमें ट्रंप के कई कदमों को खारिज कर दिया गया. दरअसल शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के फैसले में कहा कि ट्रंप के पास 1977 के कानून के तहत दूसरे देशों पर टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है. इसी कानून का इस्तेमाल करके ट्रंप ने अलग-अलग देशों पर अचानक टैरिफ लगाए थे, जिससे वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ.

हालांकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने गुस्से में पहले 10 प्रतिशत का नया टैरिफ लगाया और फिर शनिवार को इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया.

चीन ने अमेरिका से क्या कहा?

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वह इस फैसले के प्रभाव का “पूरी तरह से आकलन” कर रहा है. उसने वॉशिंगटन से टैरिफ हटाने की मांग की. एएफफी की रिपोर्ट के अनुसार मंत्रालय ने बयान में कहा, “चीन अमेरिका से अपने व्यापारिक साझेदारों पर लगाए गए एकतरफा टैरिफ उपायों को रद्द करने की अपील करता है.” उसने यह भी कहा, “व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता और संरक्षणवाद का कोई फायदा नहीं होता.”

15 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ मंगलवार से लागू होने वाला है. यह 150 दिनों तक चलेगा, हालांकि कुछ उत्पादों को छूट दी जाएगी.

चीन के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि वह अमेरिका की आगे की संभावित कार्रवाइयों पर “करीबी नजर” रखे हुए है. उसने कहा कि अमेरिका बढ़े हुए टैरिफ बनाए रखने के लिए व्यापार जांच (ट्रेड इन्वेस्टिगेशन) जैसे वैकल्पिक कदमों की योजना बना रहा है और चीन अपने हितों की मजबूती से रक्षा करेगा. बता दें कि चीन की यह अपील ट्रंप की प्रस्तावित चीन यात्रा से कुछ हफ्ते पहले आई है. यह उनके दूसरे कार्यकाल में चीन की पहली यात्रा होगी. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा है कि अप्रैल में ट्रंप और शी जिनपिंग की होने वाली बैठक “व्यापार को लेकर लड़ाई के लिए नहीं” है.

सुप्रीम कोर्ट का फैसला ट्रंप के लिए झटका

सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. अब तक यह अदालत उनके कई फैसलों के पक्ष में रही थी. यह फैसला उनकी प्रमुख आर्थिक नीति को रद्द करता है, जिसने वैश्विक व्यापार व्यवस्था में हलचल मचा दी थी. कई देशों ने कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले और ट्रंप के नए टैरिफ ऐलानों का अध्ययन कर रहे हैं. ग्रीर ने रविवार को अमेरिकी मीडिया से कहा कि चीन, यूरोपीय संघ और अन्य देशों के साथ हुए व्यापार समझौते इस फैसले के बावजूद जारी रहेंगे.

अमेरिकी व्यापार अधिकारियों ने दिसंबर में सेमीकंडक्टर उद्योग पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. उनका कहना था कि बीजिंग की नीतियां “अनुचित” हैं, हालांकि यह कदम जून 2027 तक टाल दिया गया है. उस समय बीजिंग ने इस कदम का “दृढ़ विरोध” किया था और वॉशिंगटन पर आरोप लगाया था कि वह टैरिफ का गलत इस्तेमाल करके “अनुचित तरीके से चीनी उद्योगों को दबा रहा है.”

यह भी पढ़ें: US सुप्रीम कोर्ट के आगे नहीं झुके ट्रंप, अब ग्लोबल टैरिफ को 10 से बढ़ाकर किया 15 प्रतिशत

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