- ब्राजील में बंजी-जंपिंग के दौरान लापरवाही से एक ब्रिज से करीब 130 फीट नीचे गिरने से लड़की की मौत हो गई
- लोग अब एडवेंचर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों की फिर से जांच की मांग कर रहे हैं.
- इंस्ट्रक्टर ने लड़की को अपने कंधों पर उठाया और बिना पैर बांधे उसे सुनसान ढांचे के किनारे से नीचे धकेल दिया
ब्राजील में बिना बंजी-जंपिंग के दौरान इंस्ट्रक्टर्स की लापरवाही से ब्रिज से करीब 130 फीट नीचे गिरने से 21 साल की मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रीटास की मौत हो गई. इस घटना से लोग गुस्से में हैं. घटना का वीडियो बहुत ही भयावह है. लोग अब एडवेंचर स्पोर्ट्स में सुरक्षा मानकों की फिर से जांच की मांग कर रहे हैं. यह जानलेवा घटना हुई साओ पाउलो राज्य में लिमीरा और कॉर्डिरोपोलिस के बीच 'पोंटे डो एस्केलेटो' या "स्केलेटन ब्रिज" (कंकाल पुल) नाम की एक मशहूर एक्सट्रीम-स्पोर्ट्स वाली जगह पर. जांचकर्ताओं का कहना है कि बंजी-जंपिंग के लिए हार्नेस को मेन रस्सी से बांधे बिना ही लड़की को ब्रिज से नीचे धकेल दिया गया.
बंजी जंप से नीचे गिरी लड़की के साथ क्या हुआ?
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि इंस्ट्रक्टर लड़की को पहले अपने कंधों पर उठाते हैं और फिर उसे उस सुनसान ढांचे के किनारे से नीचे धकेल देते हैं. कुछ ही पल में वहां मौजूद लोग घबराते हुए चिल्लाते सुनाई देते हैं कि बंजी कॉर्ड जुड़ी ही नहीं थी.पीड़िता तक सबसे पहले पहुंचने वाली ऑफ-ड्यूटी नर्स रायजा डायस ने बताया कि जब वह ब्रिज के नीचे पहुंचीं, तब रोड्रिग्स डी फ्रीटास जिंदा थी. डायस ने स्थानीय मीडिया को उन आखिरी पलों की पूरी कहानी बताई.
The woman who was thrown off a 130-foot bridge without a cord in Brazil was still alive when an off-duty nurse got to her on the ground.
— Collin Rugg (@CollinRugg) June 15, 2026
"I even talked to her... I told her, 'Nobody dies on my shift.' Even though I wasn't on my shift..." said nurse Rayza Dias.
Three of the… pic.twitter.com/oEAzusrFV2
नर्स ने बताया खौफनाक अनुभव
नर्स डायस ने रविवार को ब्राजीलियाई टीवी नेटवर्क 'डोमिंगो एस्पेटाकुलर' से कहा, "मेरा पूरा हाथ छिल गया क्योंकि नीचे की तरफ खड़ा ढलान था. नीचे उतरने के लिए हमारे पास सिर्फ एक ही रस्सी थी. वहां पर बहुत कीचड़ था. मैं बस नीचे-नीचे जाती रही, हम चलकर वहां तक पहुंचे." उन्होंने बताया कि पीड़िता तक पहुंचने के लिए उनको ढलान वाली, कीचड़ भरी जमीन पर उतरना पड़ा. इस दौरान उनके हाथों में चोट भी लग गई.
तेज सांसें चल रही थीं, वह तक तक जिंदा थी
नर्स ने बताया कि गिरने के कुछ देर बाद तक लड़की होश में थी. जब बचावकर्मी उसकी मदद की कोशिश कर रहे थे, तब उसने बात भी की थी. मैंने देखा कि उसकी सांसें तेज चल रही थीं. मैंने उसकी आंखों की पुतलियां देखीं, जो फैल गई थीं. उसकी नब्ज बहुत हल्की ही सही लेकिन चल रही थी. नर्स ने कहा कि मजाक में मैं ये कहती हूं कि 'मेरी शिफ्ट में कोई नहीं मरता. मैंने उससे भी यही कहा-'मेरी शिफ्ट में कोई नहीं मरता, हालांकि, उस समय मैं ड्यूटी पर नहीं थीं."
एडवेंचर टूरिज्म ऑपरेटरों पर फूटा गुस्सा
अधिकारियों ने इस मामले में शुरुआत में 6 लोगों को हिरासत में लिया था. जांचकर्ता अब यह पता लगा रहे हैं कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी. क्या बंजी कराने वालों पर घोर लापरवाही की वजह से मौत के आरोप लगाए जा सकते हैं. इस हादसे के बाद बिना नियम-कानून के चल रहे एडवेंचर टूरिज्म ऑपरेटरों की जमकर आलोचना हो रही है. जोखिम भरी गतिविधियों के लिए बेकार पड़ी बिल्डिंग्स के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. अधिकारी जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और क्या इस जंप की इजाजत लड़की को दी जानी चाहिए थी. पता ये भी चला है कि लड़की ने अपना खतरनाक वीडियो शूट करवाने के लिए एक कंपनी को भुगतान किया था.
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