यह ख़बर 24 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

ब्रिटेन की अदालत ने दिए असांजे के प्रत्यर्पण के आदेश

ब्रिटेन की अदालत ने दिए असांजे के प्रत्यर्पण के आदेश

खास बातें

  • ब्रिटेन की एक अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक असांजे को यौन उत्पीड़न के मामले की सुनवाई के लिए स्वीडन प्रत्यर्पित करने के आदेश दिए।
लंदन:

ब्रिटेन की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को वेबसाइट विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को यौन उत्पीड़न के मामले की सुनवाई के लिए स्वीडन प्रत्यर्पित करने के आदेश दिए। बेलमार्श मजिस्ट्रेट अदालत के न्यायाधीश हावर्ड रिडल ने यह फैसला सुनाते हुए कहा, मुझे यह आदेश देना चाहिए कि असांजे को स्वीडन प्रत्यर्पित किया जाय। अदालत ने उन दलीलों को खारिज कर दिया कि असांजे के खिलाफ स्वीडन में निष्पक्ष सुनवायी नहीं होगी। उन्होंने कहा, स्वीडन के अभियोजकों ने अनुरोध किया है कि असांजे पर पिछले वर्ष अगस्त महीने में दो महिलाओं के यौन उत्पीड़न आरोपों की जांच के लिए उसका प्रत्यर्पण वैध और उचित है। अदालत में जिस समय फैसला सुनाया जा रहा था उस समय गहरे रंग का सूट और टाई पहने 39 वर्षीय असांजे कठघरे में बैठा हुआ था। यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार करने वाला असांजे दो सप्ताह पहले हुई सुनवायी के बाद सुनाये गए इस फैसले के खिलाफ अपील करेगा। असांजे का कहना है कि उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियान का हिस्सा हैं। असांजे के वकीलों ने कहा कि असांजे को स्वीडन भेजना उन्हें अमेरिका भेजने जैसा है जहां के सरकारी जांचकर्ता उनके खिलाफ संभावित जासूसी के आरोपों की जांच कर रहे हैं। विकीलीक्स उस समय मीडिया की सुखिर्यों में आ गया था जब उसने अमेरिकी राजनयिक संदेशों सहित सरकारी और उच्चस्तरीय संगठनों के संवेदनशील सामग्री अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित कर दी थी। असांजे को पिछले वर्ष सात दिसम्बर को यूरोपीय गिरफ्तारी वारंट के तहत गिरफ्तार किया गया। जमानत पर रिहा होने से पहले उसने वैंड्सवर्थ जेल में नौ दिन बिताए।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com