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Epstein Files खुलासे में क्या? दुनिया निराश क्यों, जेफरी एपस्टीन कौन? कब खुलेंगे बड़े राज

सोशल मीडिया यूजर्स ने भी शिकायत की कि न्याय विभाग की साइट पर प्रवेश करने के लिए लंबी कतार लगी हुई थी और सर्च टूल मामले से संबंधित बुनियादी शब्दों के लिए भी परिणाम नहीं दिखा रहा था.

Epstein Files खुलासे में क्या? दुनिया निराश क्यों, जेफरी एपस्टीन कौन? कब खुलेंगे बड़े राज
  • एपस्टीन फाइल्स जारी हुई, लेकिन दस्तावेजों में अधिकांश जानकारी छिपाई गई है और अधूरी है
  • जेफरी एपस्टीन एक प्रभावशाली अमेरिकी फाइनेंसर था, जिसने कई हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों से संबंध बनाए थे
  • एपस्टीन को पहले भी यौन शोषण के आरोप में जेल हुई थी और 2019 में उसने जेल में आत्महत्या कर ली
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Epstein Files आ चुका है. अमेरिकी न्याय विभाग ने इसे जारी कर दिया है. लंबे वक्त से किसी बड़े खुलासे का इंतजार कर रही दुनिया में इसको देख और पढ़ने के बाद एक ही रिएक्शन है-मजा नहीं आया. इससे पहले उप अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच ने बताया था कि एपस्टीन के यौन तस्करी पीड़ितों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए कुछ दस्तावेजों को जारी करने में देरी होगी.  ब्लैंच ने फॉक्स न्यूज को बताया, "मुझे उम्मीद है कि हम अगले कुछ हफ्तों में और अधिक दस्तावेज जारी करेंगे."

कौन है जेफरी एपस्टीन

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जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर और यौन अपराधी था. वह एक अमीर और प्रभावशाली व्यक्ति था, जिसने कई हाई-प्रोफाइल लोगों के साथ संबंध बनाए थे. एपस्टीन का जन्म 1953 में न्यूयॉर्क में हुआ था. उसने अपना करियर एक स्कूल टीचर के रूप में शुरू किया, लेकिन जल्द ही वह फाइनेंस में आ गया. उसने अपनी खुद की कंजे. एपस्टीन एंड कंपनी की स्थापना की और बहुत पैसा कमाया.

एपस्टीन के अपराध

2008 में, एपस्टीन को फ्लोरिडा में एक 14 वर्षीय लड़की के यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उसने अपने अपराधों को स्वीकार किया और 18 महीने की जेल की सजा काटी. 2019 में, एपस्टीन को फिर से गिरफ्तार किया गया, इस बार न्यूयॉर्क में। उस पर यौन तस्करी और यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे. एपस्टीन ने इन आरोपों से इनकार किया, लेकिन 10 अगस्त 2019 को उसने जेल में ही आत्महत्या कर ली.

एपस्टीन से नेताओं का क्या संबंध 

एपस्टीन के अपराधों ने दुनिया भर में शॉकवेव्स पैदा किए. उसने कई हाई-प्रोफाइल लोगों के साथ संबंध बनाए थे, जिनमें राजनेता, व्यवसायी और सेलिब्रिटी शामिल थे. एपस्टीन के अपराधों की जांच में कई लोगों के नाम सामने आए, जिनमें बिल क्लिंटन, डोनाल्ड ट्रंप और प्रिंस एंड्रयू शामिल थे. एपस्टीन फाइल्स में नेताओं के नाम इसलिए हैं, क्योंकि एपस्टीन के अपराधों की जांच में कई नेताओं, अरबपतियों, फिल्मी सितारों और शाही परिवारों के नाम सामने आए हैं. हालांकि, इन नेताओं के नाम एपस्टीन फाइल्स में होने का मतलब यह नहीं है कि वे एपस्टीन के अपराधों में शामिल थे, लेकिन यह जरूर बताता है कि एपस्टीन के प्रभावशाली लोगों से संबंध थे. 

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इन नेताओं के नाम आए हैं:

  • बिल क्लिंटन: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति, जिनकी कई तस्वीरें एपस्टीन के साथ हैं
  • डोनाल्ड ट्रंप: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति, जिनका एपस्टीन के साथ सामाजिक संबंध था
  • प्रिंस एंड्रयू: ब्रिटेन के प्रिंस, जिन पर एपस्टीन के अपराधों में शामिल होने का आरोप है
  • माइकल जैक्सन: पॉप स्टार, जिनका नाम एपस्टीन की संपर्क सूचियों में है
  • बिल गेट्स: अरबपति उद्यमी, जिनकी एपस्टीन के साथ बैठकें हुई थीं
  • पीटर थिल: अरबपति निवेशक, जिनका नाम एपस्टीन के अपराधों में आया है

एपस्टीन फाइल्स की पूरी फाइल सार्वजनिक नहीं होने पर डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि रो खन्ना ने शुक्रवार को कहा, “यह निराशाजनक है कि वे कानून के अनुपालन में समय पर ये दस्तावेज जारी नहीं कर पाए हैं. हालांकि, यह स्पष्ट है कि वे कम से कम समय सीमा पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें इससे अधिक करने में सक्षम होना चाहिए था.”

सभी राज बाहर करने थे

कांग्रेस ने 19 नवंबर को एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट पारित करते समय संपूर्ण जांच फाइल जारी करने के लिए 30 दिन की समय सीमा निर्धारित की थी. इस कानून के तहत न्याय विभाग को अपने कब्जे में मौजूद सभी अवर्गीकृत रिकॉर्ड, दस्तावेज, संचार और जांच सामग्री को खोज योग्य और डाउनलोड करने योग्य प्रारूप में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराना अनिवार्य था. इसमें फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) द्वारा प्राप्त रिकॉर्ड के साथ-साथ दिवंगत फाइनेंसर पर आरोप लगाने या न लगाने के निर्णयों से संबंधित आंतरिक संचार भी शामिल हैं. कानून का दायरा एपस्टीन की पूर्व प्रेमिका घिसलेन मैक्सवेल से संबंधित सरकारी सामग्री और एपस्टीन से "ज्ञात या कथित रूप से जुड़े" संस्थाओं से संबंधित दस्तावेजों तक भी विस्तारित है.

दुनिया को मजा नहीं आया

हालांकि, एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट में कुछ छूट थी. इसने सरकार को ऐसी जानकारी को संपादित करने की अनुमति दी, जो चल रही जांचों में इस्तेमाल की जा सकती थी या जिससे पीड़ितों की पहचान हो सकती थी. आपत्तिजनक सामग्री को भी छिपाने की अनुमति थी. सोशल मीडिया यूजर्स ने भी शिकायत की कि न्याय विभाग की साइट पर प्रवेश करने के लिए लंबी कतार लगी हुई थी और सर्च टूल मामले से संबंधित बुनियादी शब्दों के लिए भी परिणाम नहीं दिखा रहा था. यूजर्स ने यह भी बताया कि जारी की गई कई नई सामग्रियों में ऐसे पृष्ठ शामिल थे, जिन्हें बड़े पैमाने पर काला कर दिया गया था. कुछ ऐसी ही राय वाशिंगटन पोस्ट से लेकर अल-जजीरा तक की रही. सबने कुल-मिलाकर यही लिखा कि मजा नहीं आया... बाकी दस्तावेजों का इंतजार है.

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