बलूचिस्तान के लोग चीन-पाक गलियारे की शुरुआत से ही इसका विरोध करते रहे हैं
क्वेटा:
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बन रहे 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे' (सीपीईसी) का विरोध जोर पकड़ता दिख रहा है. क्वेटा के नजदीक प्रदर्शनकारियों ने रविवार को इस आर्थिक गलियारे के खिलाफ प्रदर्शन किया. उन्होंने पाकिस्तान से आजादी की मांग करते हुए पाक व चीन के खिलाफ नारेबाजी की.
चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर अपने पश्चिमी रूट पर इस आर्थिक गलियारे का निर्माण कर रहा है. इस गलियारे का ज्यादातर हिस्सा गिलगिट, बालटिस्तान और बलूचिस्तान के होकर गुजरेगा. चीन और पाकिस्तान के इस संयुक्त निर्माण को लेकर बलूच लोगों में नाराजगी है और वे इस गलियारे की शुरुआत से ही इसका विरोध करते रहे हैं.
गौरतलब है कि बलूचिस्तान के लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ काफी गुस्सा है और वे लंबे वक्त से आजादी की मांग उठाते रहे हैं. पाकिस्तान ने करीब 70 साल पहले बलूचिस्तान पर अपना कब्जा जमा लिया था, तभी से वहां आजादी के लिए संघर्ष जारी है. इस संघर्ष में अब तक 50,000 के ज्यादा बलूच नागरिक मारे जा चुके हैं.
बलूच नेता पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा वहां 'मानवाधिकारों का भीषण उल्लंघन' का आरोप लगाते रहे हैं. वहीं भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र में पहली बार बलूचिस्तान का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान पर व्यापक मानवाधिकार उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.
WATCH: Baloch protest near Quetta against Chinese involvement in #Balochistan. Raise freedom, anti-Pakistan and anti-China slogans pic.twitter.com/8VBN9wWtcW
— ANI (@ANI_news) October 9, 2016
चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर अपने पश्चिमी रूट पर इस आर्थिक गलियारे का निर्माण कर रहा है. इस गलियारे का ज्यादातर हिस्सा गिलगिट, बालटिस्तान और बलूचिस्तान के होकर गुजरेगा. चीन और पाकिस्तान के इस संयुक्त निर्माण को लेकर बलूच लोगों में नाराजगी है और वे इस गलियारे की शुरुआत से ही इसका विरोध करते रहे हैं.
Baloch protest near Quetta against Chinese involvement in #Balochistan and the China-Pak Economic corridor( #CPEC ) pic.twitter.com/JmnSivfAe8
— ANI (@ANI_news) October 9, 2016
गौरतलब है कि बलूचिस्तान के लोगों में पाकिस्तान के खिलाफ काफी गुस्सा है और वे लंबे वक्त से आजादी की मांग उठाते रहे हैं. पाकिस्तान ने करीब 70 साल पहले बलूचिस्तान पर अपना कब्जा जमा लिया था, तभी से वहां आजादी के लिए संघर्ष जारी है. इस संघर्ष में अब तक 50,000 के ज्यादा बलूच नागरिक मारे जा चुके हैं.
Baloch protest near Quetta against Chinese involvement in #Balochistan , raise anti-Pakistan and anti-China slogans pic.twitter.com/4doYgkdWe3
— ANI (@ANI_news) October 9, 2016
बलूच नेता पाकिस्तानी सुरक्षाबलों द्वारा वहां 'मानवाधिकारों का भीषण उल्लंघन' का आरोप लगाते रहे हैं. वहीं भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र में पहली बार बलूचिस्तान का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान पर व्यापक मानवाधिकार उल्लंघन करने का आरोप लगाया था.
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