अमेरिका और इजरायल के हमलों में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे की रस्में शनिवार को तेहरान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शुरू हो गईं. तेहरान की सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा है. खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए लाखों की तादाद में लोग जमा हैं. इस बीच ईरान सरकार का दावा है कि सिर्फ तेहरान में ही अगले तीन दिनों के भीतर करीब 1.5 से 2 करोड़ लोग अंतिम भेंट के लिए पहुंच सकते हैं.
ईरान प्रशासन ने खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए छह दिनों के शोक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है.

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आंसुओं में डूबा तेहरान, पोती का ताबूत भी रहा मौजूद
शनिवार सुबह जब खामेनेई का ताबूत मुख्य परिसर में लाया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं. खामेनेई का ताबूत इस्लामिक रिपब्लिक के झंडे में लिपटा हुआ था और उसके ऊपर उनकी पहचान बन चुकी काली पगड़ी रखी गई थी. खामेनेई के साथ उनके उन रिश्तेदारों के शव भी रखे गए थे, जो इस हमले में मारे गए थे. इनमें उनकी 14 महीने की मासूम पोती का छोटा सा ताबूत भी शामिल था.
गौरतलब है कि इस जनाजे में खामेनेई की बेटे मोजतबा खामेनेई शामिल नहीं होंगे.

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ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के जनाजे पर प्रतिक्रिया दी है. ट्रंप दक्षिण डकोटा के ग्रेनाइट पर्वत माउंट रशमोर में कहा, "हमने ईरान को बुरी तरह हराया. वे समझौता करने के लिए बेताब हैं. वे समझौता करना चाहते हैं. हमने उन्हें एक अंतिम संस्कार के लिए एक सप्ताह की छुट्टी दी क्योंकि हम अच्छे हैं."

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कौन-कौन पहुंचा?
अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए दुनिया भर के नेताओं और आला प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचे हैं. प्रेस टीवी के मुताबिक, यह हाल के बरसों में ईरान में होने वाला सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय जमावड़ा है.
भारत की तरफ से केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री (MoS) पबित्र मार्गेरिटा और बिहार के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन ने शुक्रवार को तेहरान पहुंचे है.
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