ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे में लाखों लोगों का हूजूम उमड़ा है. तेहरान की सड़कों पर जनसैलाब देखने को मिल रहा है. 9 जुलाई को उन्हें सुपूर्द-ए-खाक किया जाएगा. खामेनेई का पार्थिव शरीर अभी ईरान की राजधानी तेहरान की ग्रैंड मोसाला मस्जिद में रखी गई है.उनके पार्थिव शरीर को ईरान और इराक के 5 प्रमुख शहरों तेहरान, कोम, नजफ, कर्बला और मशहद में ले जाया जाएगा.
इस दौरान करोड़ों लोग अली खामेनेई के दर्शन करेंगे. इस दौरान ईरान की सरकार करीब 25 हजार करोड़ रुपयों तक खर्च कर सकती है. हालांकि अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स और अनुमानों के अनुसार इस पर हज़ारों करोड़ (₹10,000 करोड़ से लेकर ₹25,000 करोड़) तक का खर्च आने का अनुमान है.
खुद को ईरान के सिविल रजिस्ट्रेशन ऑर्गनाइजेशन का कर्मचारी बताने वाले लोगों ने यह भी कहा कि कर्मचारियों को समारोह में शामिल होने के लिए इंसेंटिव (बोनस या अतिरिक्त लाभ) देने की पेशकश की गई थी. एक नागरिक ने कहा, "आज हममें से हर एक को 20 किलो चावल दिए गए ताकि हम समारोह में शामिल हों."
लेकिन इतने बड़े खर्च को देखकर मन में एक सवाल भी उठता है कि आखिर दुनियाभर में अब तक सबसे महंगा अंतिम संस्कार किसका हुआ होगा? जानते हैं अतीत में किन हस्तियों की आखिरी यात्रा में कितना पैसा खर्च हुआ.कुछ सबसे महंगे अंतिम संस्कार
अलेक्जेंडर द ग्रेट यानी सिकंदर की अंतिम यात्रा के लिए माना जाता है कि वह अब तक का सबसे ज्यादा खर्च किया जाना वाला फ्यूनरल था. मिस्र के पुरातत्व मंत्रालय के अनुसार, सिकंदर को उसकी मौत के दो साल के बाद दफनाया गया था.
सिकंदर के जनाजे में कितना खर्च हुआ था कि इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा तो नहीं है, लेकिन पुरातत्वविदों, इतिहासकारों और कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि अगर तब की रकम को आज की महंगाई के अनुसार जोड़ेगे तो ये रकम 5700 करोड़ तक पहुंचेगी.
- रोनाल्ड रीगन – $ 400 मिलियन (लगभग₹ 3,800 करोड़)
- क्वीन एलिजाबेथ II – $ 216 मिलियन (लगभग ₹ 2,000 करोड़)
- किम जोंग II- $ 40 मिलियन (लगभग ₹ 380 करोड़)
- जॉन एफ. केनेडी – $ 15 मिलियन (लगभग ₹ 150 करोड़)
- पोप जॉन पॉल II – $ 10 मिलियन (लगभग ₹ 100 करोड़)
- प्रिंसेस डायना – $ 7 मिलियन (लगभग ₹ 70 करोड़)
- मार्गरेट थैचर – $ 2 मिलियन (लगभग ₹ 20 करोड़)
(रकम की सीधे तुलना नहीं की जा सकती क्योंकि अलग-अलग समय और जगहों पर लागत अलग-अलग होती है.)
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