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तो टल गया खतरा! धरती के बाद अब चांद से भी नहीं टकराएगा उल्कापिंड, कैसे बदल लिया अपना रास्ता?

18 और 26 फरवरी को की गई उनकी नई जांचों ने इस उल्कापिंड की भविष्य की स्थिति को और अधिक स्पष्ट कर दिया था. अब यह निश्चित हो गया है कि YR4 चांद से नहीं टकराएगा इसके बजाय यह चांद के पास से लगभग 14,229 मील (22,900 किलोमीटर) की दूरी से गुजरेगा.

तो टल गया खतरा! धरती के बाद अब चांद से भी नहीं टकराएगा उल्कापिंड, कैसे बदल लिया अपना रास्ता?
moon asteroid
  • दिसंबर 2032 में पृथ्वी से टकराने की संभावना वाले एस्टेरॉयड YR4 का चांद से टकराने का खतरा लगभग समाप्त हो गया
  • वैज्ञानिकों ने कहा-यदि YR4 चांद से टकराता तो पृथ्वी को बड़ा नुकसान नहीं होता, पर चांद के संरचनाओं को खतरा था
  • जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की मदद से 2028 से पहले YR4 की स्थिति का सटीक आकलन कर टक्कर की आशंका टाली गई
नई दिल्ली:

क्या चांद के लिए खतरा टल गया है? 2024 दिसंबर के अंत में जिस एस्टेरॉयड YR4 को खतरा माना जा रहा था, उसके अब उसके चांद से टकराने की संभावना भी लगभग खत्म हो गई है. वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया था कि 22 दिसंबर 2032 को इसके पृथ्वी से टकराने की 3.1% तक संभावना हो सकती है. जमीन और अंतरिक्ष दोनों से की गई कई नई वैज्ञानिक टिप्पणियों के बाद इस खतरे को जल्दी ही खत्म कर दिया गया लेकिन जून 2025 में एक नया डर सामने आया कि 4.3% संभावना है कि YR4 पृथ्वी से नहीं, बल्कि चांद से टकरा सकता है. 

चांद को क्या होगा नुकसान?

सीएनएन  के रिपोर्ट की मानें तो अगर यह इमारत के आकार का एस्टेरॉयड चांद से टकरा भी जाता, तो पृथ्वी को कोई बड़ा शारीरिक नुकसान नहीं होता लेकिन वैज्ञानिकों ने कहा है कि उस समय चांद पर मौजूद अंतरिक्षयात्री या वहां बनाए गए ढांचे नुकसान की चपेट में आ सकते थे.
इसके अलावा, वे सैटेलाइट भी खतरे में पड़ सकते थे जिन पर हमारी रोजमर्रा की जरूरतें जैसे नेविगेशन (रास्ता बताने वाली तकनीक) और संचार व्यवस्था (कम्युनिकेशन) टिकी होती हैं. 

टल गया बड़ा खतरा

खगोलविदों को उम्मीद थी कि वे क्षुद्रग्रह YR4(Asteroid YR4) के चांद से टकराने के खतरे का सही आकलन 2028 में ही कर पाएंगे, जब यह पृथ्वी से फिर दिखाई देगा. लेकिन मैरीलैंड स्थित जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के एप्लाइड फिजिक्स लैबोरेटरी के ग्रह–वैज्ञानिक डॉ. एंडी रिवकिन और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के ग्रह विज्ञान के सहयोगी प्रोफेसर जूलियन डी विट को इससे पहले ही एक अवसर दिखाई दिया.रिवकिन और डी विट ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) का उपयोग करने के लिए आवेदन किया और उन्हें मंजूरी भी मिल गई. JWST ही एकमात्र ऐसी दूरबीन थी जिसके जरिये 2028 से पहले इस एस्टेरॉयड को देखा जा सकता था.

18 और 26 फरवरी को की गई उनकी नई जांचों ने इस क्षुद्रग्रह की भविष्य की स्थिति को और अधिक स्पष्ट कर दिया था. अब यह निश्चित हो गया है कि YR4 चांद से नहीं टकराएगा इसके बजाय यह चांद के पास से लगभग 14,229 मील (22,900 किलोमीटर) की दूरी से गुजरेगा. इस तरह, वह दुर्लभ घटना  यानी चांद से क्षुद्रग्रह की टक्कर जिसे इंसान अपनी आंखों से देख सकता था, अब लगभग पूरी तरह टल गई है.

काम इतना आसान भी नहीं था...

नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, रिवकिन और डी विट द्वारा वेब टेलीस्कोप से की गई यह जांच अब तक किसी क्षुद्रग्रह की सबसे धुंधली और मुश्किल तस्वीरों में से एक थी. क्योंकि एस्टेरॉयड को देखने के लिए समय बहुत कम था, इसलिए यह काम और भी कठिन हो गया.दुनिया की सबसे शक्तिशाली अंतरिक्ष दूरबीन होने के कारण, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ऐसे संभावित खतरनाक एस्टेरॉयड्स को खोजने में मदद करने के लिए सबसे स्वाभाविक विकल्प माना जाता है, लेकिन YR4 को देखना आसान नहीं था. शोधकर्ताओं को वेब के उपकरणों का इस्तेमाल करने के लिए नई तकनीकें विकसित करनी पड़ीं, ताकि वे अंतरिक्ष की विशाल अंधेरी पृष्ठभूमि में लगभग गायब से दिखने वाले इस क्षुद्रग्रह को पकड़ सकें. उनकी यह नई विधियां भविष्य में भी काम आएंगी, अगर कभी कोई ऐसा ही खतरा दोबारा सामने आता है.

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