
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
दक्षिण कोरिया की अदालत ने गुरुवार को भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर पूर्व राष्ट्रपति ली म्युंग बक की गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने ली को हिरासत में लेने का फैसला किया है. हालांकि, ली ने सभी आरोपों से इनकार किया है. अदालत के फैसले के मुताबिक, इन आरोपों को नकारे जाने से सबूतों को नष्ट करने की संभावना बढ़ी है और ली के कई अपराध न्यायोचित ठहरे हैं.
ली को पिछले सप्ताह पूछताछ के लिए समन किया गया था. सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अभियोजक कार्यालय ने सोमवार को घूस, गबन, कर चोरी सहित कई मामलों में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी करने का आग्रह किया था.
हालांकि, ली ने अदालत में पेश होने से इनकार करते हुए कहा था कि वह अभियोजकों के समक्ष पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं. अदालत ने अभियोजकों द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाही के बाद गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
ली को पिछले सप्ताह पूछताछ के लिए समन किया गया था. सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के अभियोजक कार्यालय ने सोमवार को घूस, गबन, कर चोरी सहित कई मामलों में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए वारंट जारी करने का आग्रह किया था.
हालांकि, ली ने अदालत में पेश होने से इनकार करते हुए कहा था कि वह अभियोजकों के समक्ष पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं. अदालत ने अभियोजकों द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाही के बाद गिरफ्तार करने का आदेश दिया।
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