विज्ञापन
This Article is From May 19, 2018

देखने और सुनने में असर्मथ विधार्थियों के लिए एप्पल ने पेश की नई टेक्नोलॉजी

नेत्रहीन और बधिर(सुनने में असमर्थ) के लिए प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल एक ऐसी तकनीक लेकर आ रहा है, जिससे उन्हें तकनीक की भाषा सीखने-समझने में आसानी होगी.

देखने और सुनने में असर्मथ विधार्थियों के लिए एप्पल ने पेश की नई टेक्नोलॉजी
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
सैन फ्रांसिस्को: नेत्रहीन और बधिर(सुनने में असमर्थ) के लिए प्रौद्योगिकी कंपनी एप्पल एक ऐसी तकनीक लेकर आ रहा है, जिससे उन्हें तकनीक की भाषा सीखने-समझने में आसानी होगी. फिलहाल इसे अमेरिका के स्कूलों में लाया जा रहा है, फिर उसे दुनिया के अन्य स्कूलों को दिया जाएगा. एप्पल ने एक बयान में कहा है कि इस शरद ऋतु से अमेरिका के विशेष स्कूलों यानी उन स्कूलों में, जहां दृष्टिहीन, बधिर एवं अन्य विकलांग छात्र पढ़ते हैं, वहां 'एवरीवन कैन कोड' शिक्षा प्रणाली पेश की जाएगी. एप्पल के सीईओ टिम कुक ने कहा कि इस कोडिंग तकनीक से एप्पल का उद्देश्य शिक्षा को सुगम बनाना है.

यह भी पढ़ें :  ट्रेन में नेत्रहीन युवती से छेड़छाड़ का आरोपी डेढ़ महीने बाद धरा गया

उन्होंने कहा, 'हमने 'एवरीवन कैन कोड' का विकास किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि प्रौद्योगिकी की भाषा समझने के मामले में सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए.' उन्होंने कहा कि एप्पल ने यह तकनीक पाठ्यक्रम किंडरगार्टन से लेकर कॉलेज छात्रों के लिए बनाया गया है. इसके जरिए छात्र न केवल पहेली (पजल्स) सुलझा सकते हैं, बल्कि एक टैप पर कैरेक्टर को कंट्रोल कर सकते हैं. इसके साथ ही वे अपना एप भी विकसित कर सकते हैं.

VIDEO : नेत्रहीनों को 2000 और 500 रुपये के नए नोटों को पहचानने में हो रही है समस्या​

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे: