- अमेरिका ने वेनेजुएला पर एक सटीक और सुव्यवस्थित सैन्य हमले के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया
- इस हमले के बाद मादुरो और उनकी पत्नी फ्लोर्स को अमेरिका ले जाकर वहां के कानून के अनुसार मुकदमा चलाया जाएगा
- यह अमेरिका का 2003 के बाद पहला बड़ा ऑपरेशन है जिसमें किसी देश के राष्ट्रपति के खिलाफ सीधी कार्रवाई की गई है
वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद पहली बार उस हमले की तस्वीरें सामने आई हैं. इन तस्वीरों को देखकर ये साफ तौर पर पता चल रहा है कि अमेरिकी सैनिकों ने ये हमला बेहद सटीकता और वेल प्लान्ड तरीके के साथ अंजाम दिया है. अमेरिकी सैनिकों ने इस हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को भी पकड़कर अमेरिका ले गए हैं. वहां उनपर अमेरिका के कानून के हिसाब से मामला चलेगा. अमेरिकी सरकार ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

अमेरिका के इस हमले को लेकर वंतोर ने सेटेलाइट फोटो शेयर की है. इन तस्वीरों में फ़्यूरटे टियुना को दिखाया गया है, जिसमें काराकास में एक बड़ा सैन्य परिसर है. रात भर के इस अमेरिकी ऑपरेशन के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया गया.
#BharatKiBaatBatataHoon | कैसे अमेरिका ने निकोलस मादुरो को उठाया? जानिए पूरी कहानी#NicolasMaduro | #Venezuela | @SyyedSuhail
— NDTV India (@ndtvindia) January 4, 2026
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कराकस में कम से कम सात विस्फोट सुने गए. हमला, जिसे रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने "बड़े पैमाने पर संयुक्त सैन्य और कानून प्रवर्तन छापे" का हिस्सा बताया, 30 मिनट से भी कम समय तक चला. बाद में ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर वेनेजुएला के नेता की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वे ग्रे स्वेटसूट, सुरक्षात्मक हेडफोन और आंखों पर पट्टी बांधे हुए थे.

कैप्शन में कहा गया था कि निकोलस मादुरो यूएसएस इवो जिमा पर सवार हैं. शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारी, जनरल डैन केन ने कहा कि 150 विमानों ने ऑपरेशन में भाग लिया, उन सैनिकों का समर्थन किया जो मादुरो को उसकी दैनिक आदतों की महीनों की खुफिया जानकारी की मदद से पकड़ने के लिए गए थे - "वह क्या खाता था" और उसने कौन से पालतू जानवर रखे थे.
उन्होंने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी ने बिना किसी संघर्ष के "हार मान ली" और "अमेरिकी जान का कोई नुकसान नहीं हुआ".63 वर्षीय मादुरो ने एक दशक से भी अधिक समय तक वेनेजुएला का नेतृत्व उन चुनावों में किया है, जिनके बारे में माना जाता है कि उनमें व्यापक रूप से धांधली हुई थी। वह अपने करिश्माई गुरु, पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ की मृत्यु के बाद सत्ता में आए.

चीन, रूस और ईरान जैसे देश, जिनके मादुरो सरकार के साथ लंबे समय से संबंध हैं, ने तुरंत इस ऑपरेशन की निंदा की, लेकिन उनकी चिंता फ्रांस और यूरोपीय संघ सहित वाशिंगटन के सहयोगियों द्वारा भी साझा की गई. वेनेजुएला के सहयोगी चीन ने रविवार को मादुरो को "तुरंत रिहा" करने का आह्वान किया. डेल्सी रोड्रिग्ज, जो राष्ट्रपति पद के उत्तराधिकार में अगले हैं, ने 2018 से मादुरो के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया, वेनेजुएला की तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था के साथ-साथ इसकी खतरनाक खुफिया सेवा की देखरेख की. शनिवार को वेनेज़ुएला के उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राष्ट्रपति की भूमिका निभाने का आदेश दिया.

ट्रंप ने कहा कि विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो, जिन्हें पिछले साल नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, के पास देश चलाने के लिए समर्थन नहीं है.

रविवार की फोटो उस बेहद खास सैन्य अभियान के बाद हुए नुकसान को दिखाती है, जिसके बारे में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यह अमेरिका को दक्षिण अमेरिकी देश को "चलाने" और इसके विशाल तेल भंडार को अन्य देशों को बेचने के है. इस कार्रवाई ने वेनेज़ुएला के निरंकुश नेता पर ट्रंप प्रशासन के स्पेशल ऑपरेशन और महीनों की सिक्रेट इनपुट पर काम करने की नीति को सही साबित कर दिया है. 2003 के बाद ये पहला मौका है जब अमेरिका ने इतने बड़े स्तर पर किसी देश के राष्ट्रपति या बड़े नेता के खिलाफ कार्रवाई की हो.
आपको बता दें कि इस हमले का वीडियो भी अब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में दिख रहा है कि किस तरह से अमेरिकी सेना ने कुछ मिनट के अंदर ही वेनेजुएला में प्रवेश किया. आपको बता दें कि इस बेहद खास ऑपरेशन में सेना वहां के राष्ट्रपति को पकड़कर अपने साथ ले गई है.
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