अमेजॉन.कॉम इंक (Amazon.com Inc) ने कहा है कि वो अपने भारतीय ऑपरेशन्स में कटौती करेगी. भारत का 1.4 बिलियन लोगों का बाजार भी अमेजॉन के सीईओ, एंडी जेसी (Andy Jassy) की लागत में कमी की योजना (cost-reduction campaign) से बच नहीं सका है. ब्लूमबर्ग के अनुसार, कंपनी का कहना है कि उसकी खाना पहुंचाने की सेवाएं और छोटे व्यापारों के लिए दरवाज़े से दरवाज़े सामान पहुंचाने की योजना सिरे नहीं चढ़ रही है. इन सेवाओं को बंद करने का फैसला किया गया है. इसके कारण अमेजॉन के हज़ारों कर्मचारियों में से कुछ सैकड़ों कर्मचारी निकाले जाएंगे. इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति का कहना है कि इससे अमेजॉन भारत में ऑनलाइन रीटेल के बिज़नेस पर ही पूरी तरह से निर्भर हो जाएगा.
जेसी अमेजॉन के व्यापारों में मंदी के कारण पूरी दुनिया में लागत को कम कर रहे हैं और नौकरियों में कटौती कर रहे हैं.
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इससे पहले जब अमेजॉन से NDTV ने भारत (India) में नौकरियां कम करने के बारे में सवाल पूछा था तो, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के तौर पर मशहूर अमेजॉन ने कहा था कि उसने किसी को नहीं निकाला है, बल्कि कुछ स्टाफ कंपनी के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति कार्यक्रम ("Voluntary Disengagement Program" ) के तहत छोड़ कर गए हैं.
अमेजॉन के गोदामों में अमेरिका, ब्रिटेन, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका और पूरे यूरोप के कर्मचारियों के बेहतर तनख्वाह और काम के हालात की मांग करने की भी खबर आई थी जब जीवन-यापन का संकट गहरा रहा है. यह कर्मचारी ब्लैक फ्राइडे सेल के खिलाफ एक कैंपेन भी चला रहे थे, जिसे "मेक अमेजॉन पे" (Make Amazon Pay) कहा गया.
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