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इराक भी जाएगा अली खामेनेई का जनाजा, लाखों की भीड़ जुटने की उम्मीद; क्या है ईरान का मकसद

बृहस्पतिवार को खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद में इमाम रजा श्राइन में दफनाया जाएगा. यह शिया इस्लाम के आठवें इमाम का मकबरा और ईरान का सबसे अहम तीर्थ स्थल है, जहां हर साल लाखों लोग आते हैं.

इराक भी जाएगा अली खामेनेई का जनाजा, लाखों की भीड़ जुटने की उम्मीद; क्या है ईरान का मकसद
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम ईरान में 40 दिनों तक चलेगा.
  • अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला मस्जिद में तीन दिनों तक रखा जाएगा
  • तेहरान में शनिवार से सोमवार तक सरकारी और प्राइवेट दफ्तर बंद रहेंगे तथा ट्रैफिक पाबंदियां लागू रहेंगी
  • खामेनेई का शव इराक के नजफ और कर्बला में शिया धार्मिक रस्मों के बाद बृहस्पतिवार को मशहद में दफन किया जाएगा

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान की ग्रैंड मोसाल्ला मस्जिद में तीन दिनों तक रखा जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने तेहरान में सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों को शनिवार से सोमवार तक बंद रखने का आदेश दिया है. साथ ही, ट्रैफिक पाबंदियों की वजह से शहर के ज्यादातर सेंटर में प्राइवेट गाड़ियों का आना-जाना बंद रहेगा. तेहरान के ऊपर का एयरस्पेस शुक्रवार से आंशिक रूप से और सोमवार को पूरी तरह से बंद रहेगा.

इराक कब जाएगा शव

मंगलवार को कार्यक्रम तेहरान के ठीक दक्षिण में स्थित कोम शहर में होंगे. वहां एक सीनियर शिया धर्मगुरु जामकरान में अंतिम संस्कार की प्रार्थनाओं का नेतृत्व करेंगे. जामकरान ईरान के सबसे अहम और प्रतीकात्मक धार्मिक स्थलों में से एक है. इसके बाद बुधवार को खामेनेई का पार्थिव शरीर इराक के नजफ ले जाया जाएगा. शिया इस्लाम के पहले इमाम, इमाम अली की दरगाह पर एक जुलूस के बाद, ईरान लौटने से पहले कर्बला में भी रस्में निभाई जाएंगी.

इराक क्यों जा रहा शव

ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इराक में ये कार्यक्रम इराकी समूहों के अनुरोध पर हो रहे हैं. कुछ विश्लेषक इन्हें शिया मुस्लिम दुनिया में खामेनेई के प्रभाव और पूरे क्षेत्र में ईरान के धार्मिक और राजनीतिक संबंधों के प्रतीक के तौर पर देख रहे हैं. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन इंतजामों के तालमेल के लिए बगदाद का दौरा किया और कहा कि अंतिम संस्कार का "प्रतीकात्मक महत्व" है.

बृहस्पतिवार को खामेनेई को उनके जन्मस्थान मशहद में इमाम रजा श्राइन में दफनाया जाएगा. यह शिया इस्लाम के आठवें इमाम का मकबरा और ईरान का सबसे अहम तीर्थ स्थल है, जहां हर साल लाखों लोग आते हैं. पूरे देश में 40 दिनों तक कार्यक्रम चलते रहेंगे और खामेनेई को दफनाए जाने की पहली बरसी तक यादगार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

अंतिम संस्कार की नमाज कौन पढ़ाएगा

खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा ने सत्ता संभाली, जो सर्वोच्च नेता बनने के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं. समारोह से जुड़े प्रमुख सवालों में से एक यह है कि क्या मोजतबा अंतिम संस्कार में शामिल होंगे. पिछले सप्ताह, आयोजन समिति के सचिव अली अकबर पोरजमशीदियन ने कहा था कि मोजतबा की उपस्थिति के संबंध में कोई भी निर्णय सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ और सर्वोच्च नेता के कार्यालयों द्वारा घोषित किया जाएगा. यह सवाल भी बना हुआ है कि अंतिम संस्कार की नमाज कौन पढ़ाएगा, क्योंकि शिया परंपरा में इस भूमिका का धार्मिक और राजनीतिक महत्व है.

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