- अली खामेनेई को आखिरी विदाई देने तेहरान में उमड़ा जनसैलाब, एक झलक पाने जुटे लोग.
- तेहरान में रविवार को जनाजे की मुख्य नमाज, खामेनेई के साथ-साथ पोती-बेटी के ताबूत भी रखे गए.
- तेहरान में सात दिनों तक चलेगी अंतिम संस्कार की रस्में. 9 जुलाई को मशहद में किया जाएगा सुपुर्द-ए-खाक.
ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को आखिरी विदाई देने के लिए शनिवार को जन सैलाब उमड़ पड़ा. रविवार को मुख्य नमाज आज अदा की जा रही है. लोग फूट-फूटकर रो रहे हैं और शहीद आयतुल्लाह खामनेई को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं. ईरानी विदेश मंत्री और ईरानी संसद के स्पीकर भी भावुक होकर रो पड़े. खास बात यह है कि अली खामेनेई के जनाजे के साथ चार और जनाजे रखे गए हैं. जिसमें एक उनकी पोती का है और दूसरा उनकी बेटी का है. इस जनाजे को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई.
तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में जुटे लाखों लोग
अली खामेनेई को आखिरी विदाई देने के लिए तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में काले कपड़े पहनकर लाखों लोग जुटे हैं. शिया परंपरा के मुताबिक उन्हें अंतिम विदाई दी जा रही है. लोग छाती पीटकर मातम मना रहे हैं. सुबह 6 बजे ही ग्रैंड मोसल्ला के गेट आम जनता के लिए खोल दिए गए थे. काले कपड़ें पहने लाखों लोग अली खामेनेई की आखिरी झलक पाने के लिए यहां पहुंच रहे हैं. भीड़ पारंपरिक रूप से छाती पीटकर शोक मना रही है और लाउडस्पीकरों पर गाए जा रहे धार्मिक मर्सियों और कविताओं के बीच पूरा तेहरान अपने लीडर को श्रद्धांजलि दे रहा है. जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं. लोगों की भावनाएं अपने पूर्व सुप्रीम लीडर के प्रति उमड़ पड़ी हैं. ऐसे में तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त कर दी गई है. क्योंकि भीड़ और ज्यादा बढ़ने की संभावना है.

बेटी-पोती का साथ में रखा ताबूत
मोसल्ला में खामेनेई के साथ-साथ हवाई हमले का शिकार बनीं उनकी बेटी, दामाद और 14 महीने की पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी के ताबूत भी एक साथ रखे गए हैं.
सात दिन तक चलेगी रस्में
- 5 जुलाई रविवार को सुबह 6 बजे से नमाज-ए-जनाजा पढ़ी जाएगी.
- 6 जुलाई सोमवार को तेहराना में जनाजा जुलूस शुरू होगा
- 7 जुलाई मंगलवार को कोम में जनाजा जुलूस सुबह 5 बजे से हॉली जामकरान मस्जिद से शुरू होगा
- 8 जुलाई बुधवार को नजफ और करबला (इराक) में विशेष विदाई समारोह यानि पहले हजरत अली के श्राइन ईराक के नजफ में जनाजा जाएगा. उसके बाद करबला में इमाम हुसैन और हजरत अब्बास के श्राइन में जनाजा जाएगा.
- 9 जुलाई गुरुवार को मशहद में इमाम रजा के श्राइन में आयतुल्लाह खामनेई को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा.

100 देशों के प्रतिनिधि हुए शामिल
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए 100 देशों के प्रतिनिधि पहुंचे हैं. भारत की तरफ से भी डेलिगेशन भेजा गया है. जिसमें बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने हिस्सा लिया है. हालांकि खामेनेई के बेटे और नव-घोषित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई के स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर रहस्य अब भी बरकरार है. शुक्रवार को सभी ने अली खामेनेई को आखिर विदाई दी थी. जबकि शनिवार को आम लोगों के लिए समय तय किया गया था. ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई और उनके परिवार के दूसरे सभी सदस्यों के पार्थिव शरीर विशेष कक्ष में अंतिम दर्शन के लिए रखे है. तेरहान में उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में 3 जुलाई से 9 जुलाई तक चलेगी.
तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था सख्त
तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है. क्योंकि रविवार को शहीद रहबर के परिवार के साथ नमाज-ए-जनाजा अदा की जाएगी. ऐसे में तेहरान में सुरक्षा के लिए 2 लाख 65 हजार सैनिक तैनात किया गया है. ईरान सरकार इसे धार्मिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कार्यक्रम बना रही है. क्योंकि 1989 में अयातुल्ला रुहोल्ला खोमैनी के अंतिम संस्कार के बाद यह ईरान में सबसे बड़ा शोक आयोजन हो रहा है. इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने पूरे तेहरान के हवाई क्षेत्र और सड़कों को सील कर दिया है. भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने परिसर में 6000 वाटर स्प्रिंकलर और हजारों एम्बुलेंस तैनात की हैं. यहां लोग खुद ही पानी का छिड़काव कर रहे हैं.

पिछले 24 घंटे के बडे़ अपडेट
- अली खामेनेई का ताबूत तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मुसल्ला पहुंचाया गया. जिसके बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे दूसरे देशों के प्रतिनिधिमंडल के लोगों ने खामेनेई को अंतिम विदाई दी. इस दौरान उनके परिवार के सभी लोगों के ताबूत रखे गए हैं.
- खामेनेई के संस्कार के लिए तेहरान में आम लोगों को लिए कई सुविधाएं दी गई हैं. यहां मेट्रो और बसों में फ्री में सफर करवाया जा रहा है. जबकि होटलों का किराया 50 प्रतिशत तक कम कर दिया है. वहीं स्कूलों और मस्जिदों में भी लोगों के ठहरने की व्यवस्थाएं की गई हैं. ईरान में दूसरे शहरों से लोगों के आने के लिए ट्रेनें और स्पेशल बसें भी चलाई जा रही हैं.
- तेहरान में सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त की गई है. सेना और पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा है. तेहरान की सड़कों और चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है. मिलिट्री गाड़ियां लगातार पहरा दे रही हैं.
- बता दें कि अली खामेनेई की अंतिम यात्रा ईरान के पांच शहरों से गुजरेगी. जिसमें तेहरान, कोम, इराक के कर्बला और नजफ से होकर गुजरेगी. 9 जुलाई को मशहद में अली खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा.
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