विश्व हिंदू परिषद (VHP) के इंटरनेशनल प्रेसिडेंट और सीनियर एडवोकेट आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी आशुतोष तिवारी को एक चिट्ठी लिखी है. यह चिट्ठी राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले में अरविंद केजरीवाल, राम गोपाल यादव, संजय सिंह और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं के बयानों के बारे में है. आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी से अनुरोध किया है कि वे 'इन नेताओं के बयान दर्ज करें और उनके आरोपों के आधार और स्रोत पूछें. साथ ही उनके आरोपों से जुड़े दस्तावेज भी मांगें, जिनके आधार पर वे आरोप लगा रहे हैं.
विपक्ष के बड़े-बड़े आरोप, करोड़ों की चोरी का दाव
अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, राम गोपाल यादव, संजय सिंह और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेता राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं. विपक्ष इसे करोड़ रुपये की चोरी का मामला बता रही है. हालांकि, अभी तक इस मामले की जांच कर रही टीम ने कुछ लाख रुपयों की ही रिकवरी की है. विपक्ष में इस मामले को सबसे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने उठाया था. उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में कथित चढ़ावा गड़बड़ी के मुद्दे पर भाजपा और मंदिर प्रबंधन को घेरते हुए कहा था कि यह मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है और इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंची है.
कांग्रेस की PM मोदी से मांग
कांग्रेस ने शनिवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच का आदेश दें. पणजी में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है, क्योंकि मंदिर में दान के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. उन्होंने भाजपा को भारत के मंदिरों पर आक्रमणकारियों द्वारा किए गए अतीत के कथित लूटपाट संबंधी उसके अक्सर दिए जाने वाले बयानों की भी याद दिलाई. उन्होंने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि मंदिर में हुई चोरी के असली दोषियों का पता लगाने के लिए हाई कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जाए.'

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चोरी के बाद दान गिनती के नियम बदले
राम मंदिर ट्रस्ट ने काउंटिंग रूम के नियमों में आमूलचूल बदलाव कर दिए हैं. अब नोटों की गिनती टेबल-कुर्सी पर बैठकर नहीं, बल्कि जमीन पर गद्दे और प्लाईवुड बिछाकर की जाएगी, ताकि कपड़ों या मेज के नीचे पैसे छिपाने की गुंजाइश न रहे. पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए काउंटिंग रूम पर सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे सीधी और कड़ी निगरानी रखी जा रही है. नए नियमों के अनुसार, दान की गिनती के दौरान किसी भी कर्मचारी को आपस में बात करने की बिल्कुल इजाजत नहीं होगी. अगर कोई कर्मचारी बार-बार बाथरूम जाता है, तो उस पर विशेष रूप से नजर रखी जाएगी और कैंटीन में भी ज्यादा देर बैठने की छूट नहीं मिलेगी. मॉनिटरिंग रूम में तैनात सुरक्षाकर्मियों को भी ड्यूटी के दौरान अपनी जगह छोड़ने की मनाही है. काउंटिंग करने वाले कर्मचारी पहले की तरह ही डार्क ब्लू ड्रेस कोड में रहेंगे, ताकि उन पर दूर से भी नजर रखी जा सके.
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