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पॉल्यूशन से बदल रहा है आपका डीएनए, फर्टिलिटी पर नई स्टडी के चौंकाने वाले नतीजे

अमेरिका में 4 सालों तक 2000 से अधिक पुरुषों को स्टडी में शामिल किया गया और पाया गया कि वायु प्रदूषण स्पर्म जीन्स के काम करने के तरीके को ही बदल सकता है.

पॉल्यूशन से बदल रहा है आपका डीएनए, फर्टिलिटी पर नई स्टडी के चौंकाने वाले नतीजे
वायु प्रदूषण से बदल रहा आपके स्पर्म का DNA (फोटो- एनडीटीवी)

वायु प्रदूषण सिर्फ गले और फेफड़ों तो ही बर्बाद नहीं कर रहा बल्कि यह स्पर्म के DNA तक को बदल दे रहा. अपनी तरह की सबसे बड़ी फर्टिलिटी स्टडी में यह पाया गया है कि वायु प्रदूषण स्पर्म जीन्स के काम करने के तरीके को ही बदल सकता है. जिन पुरुषों में स्पर्म बनने के दौरान आम वायु प्रदूषकों (पोल्यूटेंट) का असर देखा गया, उनमें DNA में मामूली बदलाव पाए गए. इन बदलावों से जीन्स के चालू या बंद होने पर असर पड़ा, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि वायु प्रदूषण पुरुषों की फर्टिलिटी को नुकसान पहुंचा सकता है.

द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार, 7 जुलाई को लंदन में 'यूरोपियन सोसाइटी ऑफ ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रियोलॉजी' की सालाना बैठक में यह स्टडी पेश की गई. इन स्टडीज में ओजोन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड को उन प्रदूषकों के तौर पर पहचाना गया, जिनका इन 'एपिजेनेटिक' बदलावों से सबसे गहरा संबंध है.

नोट- एपिजेनेटिक्स (Epigenetics) बायोलॉजी की वह शाखा है जो यह अध्ययन करती है कि हमारा पर्यावरण और जीवनशैली हमारे DNA के मूल कोड को बदले बिना, हमारे जीन्स के काम करने के तरीके को कैसे प्रभावित करते हैं.

स्टडी में क्या पता चला?

रिपोर्ट के अनुसार स्टडी का नेतृत्व करने वालीं यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट की महामारी विज्ञानी (एपिडेमियोलॉजिस्ट) डॉ. कैरी नोबल्स ने बताया, "हमारी स्टडी से पता चलता है कि स्पर्म बनने के अहम चरणों के दौरान वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से स्पर्म DNA में बदलाव हो सकते हैं."

इस स्टडी में 2013 और 2017 के बीच 2,000 से ज्यादा पुरुषों को शामिल किया गया. स्टडी में शामिल लोगों ने शुरुआत में और फिर दो, चार और छह महीने बाद सीमेन के सैंपल दिए. रिसर्चर्स ने हर सैंपल इकट्ठा करने से पहले के तीन महीनों के दौरान हर व्यक्ति बाहरी वायु प्रदूषकों (जैसे ओजोन, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और बारीक कण) से कितना संपर्क में आया, इसका अनुमान लगाया.

पता चला कि वायु प्रदूषण पुरुषों की फर्टिलिटी को कम कर सकता है, लेकिन इसके पीछे की बायोलॉजिकल प्रक्रियाएं स्पष्ट नहीं थीं. यह स्टडी 'DNA मिथाइलेशन' की ओर इशारा करती है. DNA मिथाइलेशन दरअसल DNA से जुड़े केमिकल टैग होते हैं जो जेनेटिक कोड को बदले बिना जीन्स के चालू या बंद होने को नियंत्रित करते हैं और यह एक संभावित कारण हो सकता है. वैज्ञानिकों ने उन 1,220 पुरुषों के स्पर्म DNA मिथाइलेशन को एनालाइज किया जिन्होंने छह महीने बाद फॉलो-अप में सैंपल दिया था. उन्होंने वायु प्रदूषण के मिश्रण से जुड़े DNA में 39 बदलावों की पहचान की, जिनमें ओजोन और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड का गहरा असर देखा गया.

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