- लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायल-हिज्बुल्लाह युद्ध के बाद स्थायी समझौतों के नए चरण की ओर संकेत दिया
- औन ने कहा कि इजरायल के साथ बातचीत से संप्रभुता या किसी अधिकार का त्याग नहीं होगा बल्कि संवाद जरूरी है
- इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने हिज्बुल्लाह को खत्म करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं होने की बात कही
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने शुक्रवार को कहा कि इजरायल-हिज्बुल्लाह युद्ध में युद्धविराम लागू होने के बाद उनका देश 'स्थायी समझौतों' के एक 'नए चरण' की ओर अग्रसर है.युद्धविराम के बाद राष्ट्र को संबोधित अपने पहले भाषण में औन ने कहा, "अब हम सभी एक नए चरण के सामने खड़े हैं." उन्होंने आगे कहा, "यह युद्धविराम पर काम करने से स्थायी समझौतों पर काम करने की ओर संक्रमण का चरण है, जो हमारे लोगों के अधिकारों, हमारी भूमि की एकता और हमारे राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करते हैं."
औन ने कहा कि इजरायल के साथ सीधी बातचीत "कमजोरी की निशानी या रियायत नहीं है... वार्ता का अर्थ किसी भी अधिकार का त्याग करना, किसी भी सिद्धांत पर समझौता करना या इस राष्ट्र की संप्रभुता से समझौता करना नहीं है, और न ही कभी होगा."
क्या इजरायल रुकेगा
शुक्रवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ने हिज़्बुल्लाह से निपटने का काम अभी खत्म नहीं किया है. उन्होंने लेबनानी आतंकवादी समूह को "खत्म" करने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया, यह बात उन्होंने 10 दिन के युद्धविराम के लागू होने के कुछ ही घंटों बाद कही. उन्होंने कहा, "आज का हिज़्बुल्लाह, हसन नसरल्लाह के सुनहरे दौर की तुलना में बहुत कमजोर है." उन्होंने 2024 में इजरायल द्वारा मारे गए इस समूह के नेता का जिक्र किया.
नेतन्याहू ने आगे कहा, "लेकिन हमने अभी काम पूरा नहीं किया है. रॉकेट और ड्रोन हमलों के खतरे से निपटने के लिए हम कई कदम उठाने की योजना बना रहे हैं." उन्होंने कहा कि इजरायल का दूसरा लक्ष्य, "हिज़्बुल्लाह को खत्म करना", "रातोंरात हासिल नहीं होगा". उन्होंने चेतावनी दी कि इसके लिए "निरंतर प्रयास, धैर्य और दृढ़ता के साथ-साथ कुशल कूटनीतिक दांव-पेच" की आवश्यकता होगी.
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के अभियान ने लेबनान से दो खतरों को "हटा दिया" है. उन्होंने कहा, "हजारों आतंकवादियों की घुसपैठ और हमारे समुदायों पर टैंक-रोधी गोलाबारी से जुड़ा एक निकट खतरा है और एक दूर का खतरा... इजरायल के शहरों को नष्ट करने के लिए 150,000 मिसाइलों और रॉकेटों का है."
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