
तालिबान (प्रतीकात्मक फोटो)
काबुल:
अफगानिस्तान के बदख्शां प्रांत से बंदी बनाए गए सभी 125 पुलिसकर्मियों को तालिबान ने रविवार को रिहा कर दिया। तालिबान ने इन्हें शनिवार को बंदी बना लिया था।
पूर्व में जारी मीडिया रपटों में कहा गया था कि तीन दिन तक लड़ाई जारी रखने के बाद पुलिसकर्मी तालिबान में शामिल हो गए। बदख्शां काबुल की राजधानी से 300 किलोमीटर दूर स्थित है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जिले के गवर्नर दौलत मोहम्मद खावर ने कहा, "तालिबान आतंकवादियों ने वारदोज जिले के तिरगरां इलाके में सभी 125 पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया।"
तालिबान आतंकवादियों ने तीन दिनों की भीषण लड़ाई के बाद तिरगारन घाटी पर शनिवार की शाम कब्जा कर लिया और 125 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया।
आतंकवादियों ने हालांकि रविवार दोपहर उन्हें रिहा कर दिया।
बदख्शां प्रांत के पुलिस प्रमुख जनरल बाबा जान ने स्थानीय मीडिया को बताया कि कुछ अधिकारियों ने तालिबान के साथ समझौते पर पहुंचने के बाद सैन्य अड्डे का नियंत्रण आतंकवादियों को सौंप दिया।
पूर्व में जारी मीडिया रपटों में कहा गया था कि तीन दिन तक लड़ाई जारी रखने के बाद पुलिसकर्मी तालिबान में शामिल हो गए। बदख्शां काबुल की राजधानी से 300 किलोमीटर दूर स्थित है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, जिले के गवर्नर दौलत मोहम्मद खावर ने कहा, "तालिबान आतंकवादियों ने वारदोज जिले के तिरगरां इलाके में सभी 125 पुलिसकर्मियों को रिहा कर दिया।"
तालिबान आतंकवादियों ने तीन दिनों की भीषण लड़ाई के बाद तिरगारन घाटी पर शनिवार की शाम कब्जा कर लिया और 125 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया।
आतंकवादियों ने हालांकि रविवार दोपहर उन्हें रिहा कर दिया।
बदख्शां प्रांत के पुलिस प्रमुख जनरल बाबा जान ने स्थानीय मीडिया को बताया कि कुछ अधिकारियों ने तालिबान के साथ समझौते पर पहुंचने के बाद सैन्य अड्डे का नियंत्रण आतंकवादियों को सौंप दिया।
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