संयुक्त राष्ट्र:
भारत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ समग्र संधि को स्वीकार किए जाने से वैश्विक बुराई के खिलाफ लड़ाई को कानूनी आधार मिलेगा और इस तरह की संधि के बिना संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति अधूरी रहेगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के जारी 66वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए राज्यसभा उप सभापति के. रहमान खान ने आतंकवाद को मानवता पर कलंक करार दिया और कहा कि इस वैश्विक बुराई ने विश्व के किसी देश या क्षेत्र को नहीं छोड़ा है चाहे वह न्यूयॉर्क हो लंदन अबुजा या मुम्बई हो। खान ने कहा, भारत का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि को अंगीकार किए जाने से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को एक एक ठोस कानूनी आधार उपलब्ध होगा। हमारे विचार से इस तरह की समग्र संधि के बिना संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक आतंकवाद विरोधी रणनीति अधूरी रहेगी।
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आतंकवाद, संधि, कानूनी लड़ाई