
जकार्ता:
इंडोनेशिया में भयानक बाढ़ और भूस्खलन से मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 पहुंच गई. वहीं अब तक लापता अन्य 19 लोगों को लेकर भी उम्मीदें कमजोर पड़ती जा रही हैं. राष्ट्रीय आपदा एजेंसी ने बताया कि पश्चिमी इंडोनेशिया के प्रमुख द्वीप जावा के गरूत में सहायता पहुंचनी शुरू हो गई है. यहां मूसलाधार बारिश और भारी बाढ़ के कारण 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं.
बाढ़ का पानी उतरने के साथ-साथ तबाही के दृश्य सामने आ रहे हैं. मकान मलबा बन चुके हैं और कारें उलटी पड़ी हैं. कीचड़ से भरी सड़कों पर मलबा फैला हुआ है. एजेंसी ने बताया कि मृत या लापता लोगों में एक दर्जन से ज्यादा बच्चे शामिल हैं. उनकी उम्र 12 साल से कम है और इनमें से अनेक बच्चों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है.
आपदा एजेंसी के प्रमुख विलियम रमपंगिलेई ने एक बयान में बताया कि राहत दल और सेना के जवान लापता लोगों की खोज के लिए गरूत चले गए हैं और ड्रोन इस तबाही का आकलन वायु मार्ग से कर रहे हैं.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बाढ़ का पानी उतरने के साथ-साथ तबाही के दृश्य सामने आ रहे हैं. मकान मलबा बन चुके हैं और कारें उलटी पड़ी हैं. कीचड़ से भरी सड़कों पर मलबा फैला हुआ है. एजेंसी ने बताया कि मृत या लापता लोगों में एक दर्जन से ज्यादा बच्चे शामिल हैं. उनकी उम्र 12 साल से कम है और इनमें से अनेक बच्चों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है.
आपदा एजेंसी के प्रमुख विलियम रमपंगिलेई ने एक बयान में बताया कि राहत दल और सेना के जवान लापता लोगों की खोज के लिए गरूत चले गए हैं और ड्रोन इस तबाही का आकलन वायु मार्ग से कर रहे हैं.
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