उत्तराखंड के साथ-साथ पूरे टिहरी जनपद के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. मां भारती की रक्षा करते हुए भिलंगना ब्लॉक के अंतर्गत मेंडू सिंदवालगांव के युवा अग्निवीर जवान रोहित सिंह (21 वर्ष) 9 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में शहीद हो गए. युवा जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. शहीद रोहित सिंह की पहली ज्वाइनिंग 28 अप्रैल 2025 को हुई थी और वह सेना की 20 गढ़वाल राइफल्स यूनिट में तैनात थे.
रोहित सिंह अमर रहे
युवा जवान अग्निवीर रोहित सिंह का पार्थिव शरीर देर शाम जैसे ही घनसाली पहुंचा, स्थानीय लोगों ने "जब तक सूरज चांद रहेगा, रोहित तेरा नाम रहेगा", "रोहित सिंह अमर रहे", "वंदे मातरम" और "भारत माता की जय" के गगनभेदी नारों के साथ उन पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी. देर रात जब रोहित का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो वहां का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया. अपने लाडले के पार्थिव शरीर को देखते ही मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. रोहित के असमय निधन से पूरा परिवार गहरे सदमे में है.

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शुक्रवार को युवा अग्निवीर रोहित सिंह रावत का उनके पैतृक घाट बिनपुला में पूरे सैन्य सम्मान और गमगीन माहौल के बीच अंतिम संस्कार किया गया. सेना के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देकर वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई. जब बेटे की चिता को मुखाग्नि दी जा रही थी, तो परिजनों का करुण क्रंदन देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. अंतिम संस्कार में प्रशासन के अधिकारियों और क्षेत्रीय विधायक शक्ति लाल शाह सहित कई जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और शुभचिंतक उपस्थित रहे. रोहित के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा.
शहीद रोहित सिंह अपने परिवार के बड़े बेटे थे. उनके पिता सुरेंद्र सिंह रोजगार के सिलसिले में दुबई में रहते हैं, जो बेटे के निधन की सूचना मिलते ही भारत के लिए रवाना हो चुके हैं. परिवार में रोहित के अलावा उनका एक छोटा भाई मोहित है, जो वर्तमान में नौवीं कक्षा का छात्र है. देश सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले इस वीर सपूत को पूरा देश नमन कर रहा है.
(मनीष सिंंह की रिपोर्ट )
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