उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (फाइल फोटो)
देहरादून:
उत्तराखंड में बुधवार रात को भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग दहशत में आ गए और घबराकर अपने घरों से बाहर निकल गए. 1991 में उत्तरकाशी और 1999 में चमोली में आए विनाशकारी भूकंप की तबाही झेल चुके लोग इन तेज झटकों से एक बार फिर खौफजदा हो गए और बाहर की ओर दौड़ पड़े. राजधानी देहरादून में भी भूकंप से दहशत में आए लोग घरों से बाहर निकल आए. रूद्रप्रयाग से सटे पर्वतीय चमोली जिले के गैरसैंण में गुरुवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के लिए वहां मौजूद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी भूकंप के झटके महसूस हुए. उन्होंने बताया कि उनके मेज पर पड़ा पानी का गिलास तेजी से हिलने लगा. वहीं, गैरसैंण के निकट गौचर में रात्रि विश्राम के लिए रुके पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने बताया कि भूकंप के झटके इतने तेज थे कि वह खुद कमरे से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर आ गए.
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रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई और इसका केंद्र रुद्रप्रयाग जिले में धरती से 30 किलोमीटर नीचे आंका गया. हालांकि, राज्य में कहीं से किसी नुकसान की फिलहाल खबर नहीं है. भूकंप का केंद्र माने जा रहे रुद्रप्रयाग जिले के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि झटके तेज होने की वजह से लोग घबराहट के मारे बाहर निकल आए.
VIDEO : भूकंप के झटके से दशहत में आए लोग
हालांकि, उन्होंने कहा कि जिले में सब सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि हर स्थान से जानकारी ले ली गई है और कहीं से किसी नुकसान की खबर नहीं है.
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रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई और इसका केंद्र रुद्रप्रयाग जिले में धरती से 30 किलोमीटर नीचे आंका गया. हालांकि, राज्य में कहीं से किसी नुकसान की फिलहाल खबर नहीं है. भूकंप का केंद्र माने जा रहे रुद्रप्रयाग जिले के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि झटके तेज होने की वजह से लोग घबराहट के मारे बाहर निकल आए.
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हालांकि, उन्होंने कहा कि जिले में सब सुरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि हर स्थान से जानकारी ले ली गई है और कहीं से किसी नुकसान की खबर नहीं है.
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