- साल 2026 की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी, लेकिन इससे पहले साइबर ठग सक्रिय हो चुके हैं
- केदारनाथ में हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया से ठगी होती है
- उत्तराखंड पुलिस ने कई फर्जी वेबसाइट, मोबाइल और व्हाट्सएप नंबरों को ब्लॉक कर ठगी रोकने के प्रयास किए हैं
Chardham Yatra Registration 2026: साल 2026 की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही साइबर ठग एक्टिव हो गए हैं. चारधाम यात्रा की तैयारी में जुटे श्रद्धालुओं को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए पैंतरे अपनाने ठगों ने शुरू कर दिये हैं. ऐसे में तीर्थ यात्रा के लिए जाने वाले यात्रियों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है. चारधाम यात्रा में 'हेली सेवा' के नाम पर सबसे ज्यादा साइबर ठगी श्रद्धालुओं के साथ होती है.
चारधाम यात्रा के दौराने ऐसे होती है श्रद्धालुओं से ठगी
चारधाम यात्रा में केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर सेवा के टिकट बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगी का शिकार बनाया जाता है. पिछले सालों के रिकॉर्ड देखे तो साइबर ठगी करने वाले अपराधी फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धालुओं से टिकट बुकिंग के नाम पर ठगी करते हैं. हेलीकॉप्टर टिकट, होटल बुकिंग और यात्रा पैकेज के नाम पर पहले तो आकर्षक सरकारी वेबसाइट की तरह ही नकली वेबसाइट बनाते हैं. साथ ही सोशल मीडिया पर आकर्षक सस्ते पैकेज दिखाकर अपने इन कारनामों को अंजाम देते हैं और दर्शन करने आए यात्रियों से लाखों रुपये की ठगी को अंजाम देते हैं.
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कम खर्च के लालच में किसी के झांसे में न आएं
पिछले साल 2025 की बात करें, तो उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग खासकर केदारनाथ धाम के लिए इसके अलावा चारधाम यात्रा पैकेज और होटल बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं से होगी के कई मामले आए थे. उत्तराखंड एसटीएफ ने लगभग 50 से अधिक फर्जी वेबसाइटों/URLs को बंद किया था. इस के अलावा 100 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों और 30 से अधिक व्हाट्सएप नंबरों को ब्लॉक किया गया था. वहीं, 50 से ज्यादा संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज किया गया है. यही वजह है कि साल 2026 की चार धाम यात्रा से पहले उत्तराखंड पुलिस की साइबर सेल और एसटीएफ ने लोगों को अलर्ट किया है कि वह सरकारी वेबसाइट से ही हेलीकॉप्टर टिकट की बुकिंग करें. इसके साथी पुलिस ने श्रद्धालुओं को बताया है कि बुकिंग करने से पहले उसे वेबसाइट की जांच परख कर ही बुकिंग की जाए. आमजन व खासतौर पर श्रद्धालुओं को सजग किया जा रहा है कि अधिकृत वेबसाइट पर ही ऑनलाइन बुकिंग कराएं. कम खर्च के लालच में किसी के झांसे में न आएं.
- श्रद्धालु किसी भी अनजान लिंक, कॉल या संदेश के जरिए बुकिंग न करें.
- केवल अधिकृत और सत्यापित प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही होटल, हेलीकॉप्टर या टैक्सी की बुकिंग करें.
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में दें.
चारधाम यात्रा के लिए हो चुके 10 लाख रजिस्ट्रेशन
साल 2026 में यात्रा के लिए अभी तक 9 लाख 90 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं, जिससे नया रिकॉर्ड बनने की संभावना है. हर साल कई श्रद्धालु होटल, धर्मशाला, हेली व टैक्सी बुकिंग के नाम पर ठगी का शिकार हो जाते हैं. फर्जी वेबसाइट, व्हाट्सऐप मैसेज, एसएमएस और इंटरनेट मीडिया विज्ञापनों के जरिए श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जा रहा है. ये साइबर ठगी वाले गिरोह आकर्षक ऑफर और सस्ती बुकिंग का लालच देकर श्रद्धालुओं से एडवांस पेमेंट करा लेते हैं, लेकिन मौके पर पहुंचने पर बुकिंग फर्जी निकलती है. इसी को देखते हुए इस साल भी साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त रूप से निगरानी तेज कर दी है.

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बिहार से जुड़े ठगों के तार
चारधाम यात्रा शुरू होने में अभी 20 -22 दिन का समय बाकी है, लेकिन साइबर ठगों ने अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया के जरिये हेली सर्विस देने वाली पवन हंस कंपनी के नाम पर एक फर्जी अकाउंट का मामला सामने आए है. चारधाम यात्रा का पैकेज देने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है. हालांकि, समय रहते साइबर पुलिस ने इस अकाउंट की सभी डिटेल्स को खंगालना शुरू कर दिया है, जिसमें इस बात का भी खुलासा हुआ है कि यह अकाउंट बिहार से ऑपरेट किया जा रहा है. दूसरी तरफ चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन कराने और यात्रा में जल्दी से दर्शन करने के लिए अलग-अलग तरह से उपाय करते हैं. ऐसे में साइबर अपराधी इसी चीज का फायदा उठाकर फर्जी वेबसाइट या सोशल मीडिया पर लिंक डालकर उठाते हैं, क्योंकि रजिस्ट्रेशन विंडो पर भारी दबाव रहता है. इसके अलावा टूर और ट्रैवल एजेंट्स यात्रियों से जल्दी से यात्रा करवाने और रजिस्ट्रेशन करवाने का प्रलोभन भी देते हैं. ऐसे में श्रद्धालु यात्रा के दौरान अपना पैसा गवा देते हैं. सोशल मीडिया पर फर्जी वेबसाइट का लिंक या रजिस्ट्रेशन सेंटर हेली सेवा की बुकिंग के फर्जी नंबर या कस्टमर केयर नंबर डाल दिए जाते हैं. साइबर अपराधी ऐसे ही फर्जी नंबर के जरिए श्रद्धालुओं को अपनी चाल में फसाते हैं और मोटी रकम लेकर उनके साथ न सिर्फ ठगी करते हैं, बल्कि कई ऐसे मामलों में श्रद्धालु ऑन से उनके बैंक के ओटीपी तक लेकर ठगी करते हैं.
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साइबर पुलिस की निगरानी और कार्रवाई जारी
चारधाम यात्रा से पहले उत्तराखंड साइबर पुलिस और एसटीएफ ने इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की टीम के साथ मिलकर ऐसी फर्जी वेबसाइट पर निगरानी रखनी शुरू कर दी है, जो लोगों को ठगने के लिए फर्जी पेज बनाकर होटल बुकिंग हेली सर्विस और यात्रा पंजीकरण कराने का दावा करती है. एएसपी साइबर क्राइम कुश मिश्रा ने बताया कि अगर किसी भी तरह की इंक्वायरी हो, तो पर्यटन विभाग के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 8394833833 पर व्हाट्सएप के जरिए मदद लें किसी भी तरह की ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें. एएसपी साइबर पुलिस कुश मिश्रा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान मुख्य रूप से तीन प्रकार के साइबर फ्रॉड सामने आते हैं, जिनमें फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग, होटल बुकिंग और रजिस्ट्रेशन शामिल हैं. उन्होंने कहा कि ठग आईआरसीटीसी की वेबसाइट भी फर्जी तरीके बनाकर ठगी को अंजाम देता है, जिसके लिए आईआरसीटीसी के अधिकारियों से भी संपर्क किया गया है और उनसे इस तरह के फर्जी अकाउंट पर नजर रखना और उनकी तत्काल शिकायत करने के लिए कहा गया है. साइबर पुलिस यात्रियों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए उनसे अपील कर रही है कि जब भी वह अपनी यात्रा का प्लान बनाएं और बुकिंग व यात्रा रजिस्ट्रेशन करें, तो पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ही करें.
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