- चमोली के तमक नाले पर बना पुल एक बार फिर प्रकृति आपदा में बह गया
- तमक नाले पर 2025 में भी अचानक बाढ़ आने के कारण ये पुल बह गया था
- उत्तराखंड के चमोली में प्राकृतिक आपदा का इतिहास रहा है
उत्तराखंड के चमोली में फ्लश फ्लड के कारण तमक नाले पर पुल एक बार फिर बह गया. चमोली में प्राकृतिक आपदाओं का इतिहास काफी पुराना रहा है. हर साल प्रकृति यहां के लोगों को अपना रौद्र रूप दिखाती है. प्रकृति के प्रकोप से यहां जनजीवन और इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचता है. सोमवार को एक बार फिर नीति घाटी में कुदरत का कहर देखने को मिला. नाले में आई भारी बाढ़ के कारण पुल एकबार फिर बह गया. इसके कारण नीति घाटी का संपर्क कट गया है.
तमक नाले का इतिहास
तमक नाले में आपदा का पुराना इतिहास रहा है. तमक गांव के लोग बताते हैं कि इसका उद्गम तमक नाले के बुग्याल क्षेत्र में होता है. ये बुग्याल नीति घाटी के ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में पड़ते हैं. साल 2025 में भी अक्टूबर के महीने में तमक नाले में आई बाढ़ से पुल बह गया था. ये पुल बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन यानी बीआरओ के अंर्तगत आता है. ये पुल भारत तिब्बत चीन सीमा के लिए सामरिक दृष्टि के तहत बेहद महत्वपूर्ण है तमक नाले में आई बाढ़ से एक बार नही बल्कि 3 बार से ज्यादा पुल बहे है. इस बार 10 अगस्त 2026 को तमक नाले में आई बाढ़ में फिर से पुल को बहा दिया है. तमक गांव के पास बहने वाला यह नाला पिछले कुछ वर्षों से लगातार चिंता का कारण बना हुआ है. स्थानीय लोगों के अनुसार, यहां पहले भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं. पुल के बह जाने की वजह से एक दर्जन गांव का संपर्क टूट गया है.

फ्लैश फ्लड में तमक नाले पर बना पुल बहा
10 अगस्त को आई थी तबाही
10 अगस्त 2026 को चमोली जिले के नीति घाटी क्षेत्र में तमक नाले पर बना पुल भारी बारिश, मलबे और पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया. घटना के समय क्षेत्र में मौजूद लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचाई, जबकि कुछ वाहन भी मलबे और तेज बहाव की चपेट में आने से बह गए. घटना का मंजर इतना भयावह था कि आसपास के लोगों में दहशत फैल गई. जानकारी के मुताबिक इस घटना में सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक चालक लापता बताया जा रहा है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. वहीं जिला प्रशासन को सूचना मिलने के बाद जोशीमठ तहसील प्रशासन के साथ NDRF और SDRF की टीम वहां पहुंच गई है.

2025 में भी तमक नाले बना पुल बह गया था
लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिलाधिकारी चमोली विवेक प्रकाश ने बताया कि लापता चालक की खोजबीन जारी है और आसपास के लोगों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है. ऊपरी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए नदी और नालों के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की अपील की गई है. स्थानीय निवासी लक्ष्मण बुटोला का कहना है कि ऊपरी क्षेत्रों में हो रही किसी बड़ी प्राकृतिक हलचल, भू-स्खलन या लगातार बढ़ रहे मलबे के स्रोतों की वैज्ञानिक जांच की आवश्यकता है. उनका मानना है कि सरकार और संबंधित विभागों को इस क्षेत्र का गंभीरता से भू-वैज्ञानिक परीक्षण और विस्तृत अध्ययन कराना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से होने वाले बड़े नुकसान को रोका जा सके.
वैज्ञानिकों से जांच करवाएगी सरकार
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने चमोली के तमक नाले में आई बाढ़ को लेकर बताया कि पहली नजर में तो यह क्लाउडबर्स्ट यानी बादल फटना जैसा लग रहा है लेकिन इसका परीक्षण करवाया जाएगा कि अचानक इतना पानी इतनी तेजी से कहां से आया. विनोद कुमार सुमन ने कहा कि वैज्ञानिकों की टीम इस पूरे की जांच करवायी जाएगी.
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