New Delhi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सीनियर नेशनल स्पोक्सपर्सन और सांसद सुधांशु त्रिवेदी (Dr. Sudhanshu Trivedi) ने मंगलवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) संसद में आकर हर विषय का बिंदुवार जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस (Congress) चर्चा से भाग रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि देश अपनी आजादी के 80वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है, लेकिन एक 'बिगड़े दिल शहजादे' ने अपनी सनक और उद्दंडता से लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर को बंधक बनाकर रख दिया है.
तमाम शर्तें मानीं, फिर भी नया बहाना
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने विपक्ष की हर मांग स्वीकार की है. नीट परीक्षा के नियमों में बदलाव की बात मानी गई, छात्रों के हित में कड़े कानून का नया बिल कैबिनेट से पारित कराया गया, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का विषय हो या मामले वापस लेने की बात, हर कदम उठाया गया. इसके बाद कांग्रेस ने मांग रखी कि गृह मंत्री अमित शाह आकर बयान दें. लेकिन अब जब खुद गृह मंत्री अमित शाह जवाब देने को तैयार हैं, तब भी सदन नहीं चलने दिया जा रहा.
LIVE: BJP National Spokesperson Dr. @SudhanshuTrived addresses press conference at BJP headquarters, New Delhi. https://t.co/eMsPWbl7jY
— BJP (@BJP4India) August 11, 2026
'रांची के मामले पर ईयरफोन लगाए बैठे हैं राहुल'
बीजेपी सांसद ने कहा, 'दूसरों को डरो मत-भागो मत का ज्ञान देने वाले राहुल गांधी खुद रांची जाने से बच रहे हैं. रांची में पूरी तरह गैर-राजनीतिक और अनुशासित तरीके से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे छात्रों पर हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ बीजेपी ने आज 'झारखंड बंद' का आह्वान किया है. लेकिन राहुल गांधी के दोनों कानों में राजनीति का ऐसा लाउड 'ईयरफोन' लगा है कि उन्हें छात्रों की गूंज सुनाई ही नहीं दे रही, जिससे साफ है कि उन्हें छात्र हितों से कोई लेना-देना नहीं है.'
जवाब के वक्त भाग खड़ा होना पुराना इतिहास
बीजेपी ने याद दिलाया कि राज्यसभा में 'अनफेयर मीन्स एग्जामिनेशन' विधेयक पर चर्चा हो, अविश्वास प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का संबोधन हो या फिर मणिपुर का मुद्दा, अंतिम जवाब के समय कांग्रेस हमेशा मैदान छोड़कर भाग खड़ी होती है. इसी आचरण पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा:-
होंगे राजे राजकुंवर ये बिगड़े दिल शहजादे।
HM-PM जब-जब बोले तब यह सदन से भागे।।
'संकट बन गया राहुल गांधी का आचरण'
बीजेपी सांसद ने कहा, 'संविधान निर्माताओं ने कभी कल्पना नहीं की होगी कि नेता प्रतिपक्ष के गरिमापूर्ण पद पर बैठकर ऐसा व्यवहार किया जाएगा. राज्यसभा में वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पिछली लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी के समय भी ऐसा आचरण देखने को नहीं मिलता था. इससे पूर्व पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी या अटल सरकार के समय सोनिया गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह, सुषमा स्वराज और अरुण जेटली जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में भी कभी संसद में ऐसा दृश्य नहीं दिखा. राहुल गांधी का यह आचरण आज भारतीय लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा संकट बन गया है.'
'विदेश जाने से पहले अमित शाह को सुनकर जाएं'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में बीजेपी ने राहुल गांधी को सीधी नसीहत दी. उन्होंने कहा, 'राहुल जी, भागो मत, डरो मत और कान खोलकर गृह मंत्री अमित शाह का जवाब सुनो.' बीजेपी ने तंज कसा कि सत्र के दौरान संसद से भागना और सत्र खत्म होते ही विदेश भाग जाना उनका पुराना नियम रहा है. स्वाभाविक है कि इस बार भी सत्र के बाद उनका विदेश जाना तय हो, लेकिन विदेश की उड़ान भरने से पहले उनमें इतनी हिम्मत होनी चाहिए कि वे सदन में बैठकर गृह मंत्री का वक्तव्य सुनकर जाएं.
ये भी पढ़ें:- क्या सोरेन सरकार से समर्थन वापस लेंगे? राहुल गांधी से प्रदर्शनकारी छात्र का सवाल
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं