- यूपी में पिछले दिनों हुई भारी बारिश में 56 लोगों की मौत हुई है
- राज्य सरकार के आंकड़े के अनुसार यूपी में 775 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है
- राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया है
उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों में हुई बरसात की वजह से अब तक कम से कम 56 लोगों की मौत हुई है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बरसात हुई है. राहत आयुक्त ने बताया कि 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 7.6 मिमी है. इस प्रकार प्रदेश में वर्षा सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई. उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में से 56 जनपदों में अत्यधिक बारिश हुई है.
जानमाल का भारी नुकसान
राहत आयुक्त ने बताया कि फर्रूखाबाद में सामान्य से 7385 प्रतिशत, कन्नौज में 5664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4240 प्रतिशत तथा महोबा में 4100 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है. यूपी में अत्यधिक वर्षा की वजह से अब तक 56 लोगों की मौत हुई है. 107 पशुओं की जान गई है और 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है. इसके अतिरिक्त 46 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना है. सीतापुर में 7, लखीमपुर खीरी में 5, बहराइच में 5, बलरामपुर में 5, अयोध्या में 4 तथा गोरखपुर में 4 लोगों की मौत हुई है. घायलों में हरदोई में 7, मैनपुरी में 5, श्रावस्ती में 5 तथा बाराबंकी में 5, जबकि सीतापुर एवं लखीमपुर खीरी में 3-3 घायल होने की सूचना है. हरदोई में 28, सीतापुर में 16, कन्नौज में 14, बहराइच में 7, कानपुर देहात में 7 तथा उन्नाव में 6 जानवरों की मौत हुई है. इसके अलावा हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 तथा बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है.
राहत और बचाव कार्य जारी
भारी वर्षा एवं प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रभावित जनपदों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं. राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए. उन्होंने जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने तथा आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा.
सहायता राशि देने का भी आदेश
जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों एवं आपदा विशेषज्ञों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी करने तथा उच्च प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री एवं सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने अधिकारियों को आमजन को मौसम के प्रति सतर्क करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही, मौतों, घायल व्यक्तियों तथा मकान क्षति के मामलों में नियमानुसार अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है.
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