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UP में स्कूली वाहनों की फिटनेस पर सख्ती: 15 दिनों तक सड़कों पर चलेगी 'स्पेशल चेकिंग', अनफिट वाहन पर सीधे होगा एक्शन

UP School vehicle fitness: प्रदेश सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा अभियान चलाने का निर्णय लिया है. स्कूल बसों और वैन की जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ेगी, क्योंकि एक से 15 अप्रैल तक चलने वाले विशेष जांच अभियान में अनफिट वाहनों पर सीधे कार्रवाई तय है.

UP में स्कूली वाहनों की फिटनेस पर सख्ती: 15 दिनों तक सड़कों पर चलेगी 'स्पेशल चेकिंग', अनफिट वाहन पर सीधे होगा एक्शन

UP School Bus Safety: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने प्रदेशभर में स्कूली वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1 से 15 अप्रैल तक विशेष फिटनेस एवं सुरक्षा जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं होगा. मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर कई अहम निर्देश जारी किए. उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान अनफिट पाए जाने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही हर हाल में सुनिश्चित की जाए.

इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनीटरिंग पोर्टल पर देना होगा वाहनों का विवरण

उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा विकसित इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनीटरिंग पोर्टल के माध्यम से सभी स्कूलों को अपने वाहनों का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज कराना होगा. इस डिजिटल प्रणाली से स्कूल वाहनों की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी, साथ ही रीयल-टाइम ट्रैकिंग और अलर्ट सिस्टम के जरिए जवाबदेही भी तय होगी. बैठक में परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने जानकारी दी कि पोर्टल को ‘वाहन' और ‘सारथी' डेटाबेस से जोड़ा गया है, जिससे वाहनों और चालकों का स्वतः सत्यापन संभव होगा.

सभी दस्तावेजों की होगी निगरानी

इसके जरिए फिटनेस, बीमा और परमिट से संबंधित सभी दस्तावेजों की निगरानी की जा सकेगी, जबकि अभिभावक भी वाहनों की स्थिति देख सकेंगे. मुख्य सचिव ने “लखपति दीदी” कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि डिजिटल आजीविका रजिस्टर में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की त्रैमासिक आय का शत-प्रतिशत और त्रुटिरहित डेटा दर्ज किया जाए.

साथ ही विभिन्न समितियों की नियमित बैठकें और विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए.  गो-आश्रय स्थलों को लेकर उन्होंने 15 अप्रैल से विशेष भूसा संग्रह अभियान चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर भंडारण व्यवस्था मजबूत की जाए और खरीद प्रक्रिया में बिचौलियों को शामिल न किया जाए.

इसके अलावा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ने, गोबर-गोमूत्र के उपयोग और बायोगैस संयंत्रों की स्थापना पर जोर दिया गया. मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने और किसानों को समयबद्ध क्षतिपूर्ति देने के निर्देश भी दिए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में संयुक्त समिति बनाकर पारदर्शी ढंग से क्षति का आकलन किया जाए और राहत राशि का वितरण बिना देरी के सुनिश्चित हो.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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