- पुलिस ने छापेमारी कर नकल को रोका
- स्कूल के कर्मचारी के घर लिखी जा रही थीं कॉपियां
- सरगना पुलिस की गिरफ्त से बाहर, तलाश जारी
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के कड़े इंतजाम करने के बावजूद नकल पर नकेल नहीं लग रही है. उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में बोर्ड परीक्षा की कॉपियां स्कूल के एक क्लर्क में घर में लिखे जाने का मामला सामने आया है. पुलिस को सूचना मिली थी कि बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र बनाए गए एक स्कूल के क्लर्क में घर में कॉपियां लिखी जा रही हैं. जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी की और 11 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मौके से आंसरशीट बरामद की है, जिन पर मुहर लगी हुई थी.
शनिवार को 12वीं की विज्ञान की परीक्षा थी. इस दौरान स्थानीय प्रशासन को खबर मिली कि "सॉल्वरों" की एक टीम क्लर्क के घर में बैठकर परीक्षा की कॉपियां लिख रही है. इसके लिए मुहर लगी उत्तर पुस्तिका का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे बाद में स्कूल भेजा जाएगा और वहां मौजूद अन्य आंसरशीट के साथ मिला दिया जाएगा. सूचना के बाद पुलिस स्कूल पहुंची तो वहां छात्र-छात्राओं को कई सारी ऐसी आंसरशीट दी गई थी जिन पर स्टैम्प नहीं लगी हुई थी.
इसके बाद पुलिस ने स्कूल क्लर्क के घर छापेमारी की, जहां 11 सॉल्वर स्टैम्प लगी हुई कॉपियां पर लिखे रहे थे. पुलिस ने सभी 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही हैं. पुलिस ने बताया कि इस रैकेट का सरगना क्लर्क है. वह फिलहाल फरार है, जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा. इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है.

नकल को लेकर सख्ती के मद्देनजर पहले दिन 2.39 लाख स्टूडेंट्स ने छोड़ी यूपी बोर्ड परीक्षा
सरकार ने किए नकल रोकने के इंतजाम
करीब 56 लाख छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं की परीक्षा दे रहे हैं. नकल को रोकने के लिए परीक्षा केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. परीक्षा केंद्र की सीसीटीवी से निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है और राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग हो रही है. राज्य के 75 जिलों में 7,784 केंद्रों पर दो लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. सरकार ने बताया कि करीब दो लाख निरीक्षक ड्यूटी पर हैं.
वीडियो: यूपी में प्रिंसिपल ने छात्रों को बताए नकल करने के तरीके
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